अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना एक बेहद करीबी मित्र बताते हुए रविवार रात एक बड़ा बयान दिया है और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत उन पर और संयुक्त राज्य अमेरिका पर 100 प्रतिशत भरोसा कर सकता है। ट्रंप ने यह बातें अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कहीं।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अटूट मित्रता का इजहार
भारत मंडपम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें एक महान नेता बताया। ट्रंप ने कहा, "मैं सभी को नमस्कार कहना चाहता हूं। " उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और भारत के साथ अमेरिका के संबंध आज जितने मजबूत हैं, उतने पहले कभी नहीं रहे।
" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि भारत को कभी भी किसी मदद की आवश्यकता पड़ती है, तो उन्हें पता है कि कहां संपर्क करना है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रिकॉर्ड प्रदर्शन
अपने संबोधन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिकी अर्थव्यवस्था शानदार प्रदर्शन कर रही है और नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। ट्रंप ने कहा, "हम अच्छा कर रहे हैं, हम रिकॉर्ड बना रहे हैं। " यह बयान अमेरिका की आर्थिक मजबूती और वैश्विक मंच पर उसकी स्थिरता को दर्शाने के लिए दिया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण और गणमान्य अतिथि
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें शामिल हैं:
- भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर
- अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो
- अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर
राष्ट्रपति ट्रंप ने सर्जियो गोर के फोन के माध्यम से अपनी बात रखी, जिसे माइक्रोफोन के पास रखा गया था ताकि सभी सुन सकें और ट्रंप ने मार्को रूबियो की भी सराहना की और उन्हें अमेरिका के इतिहास का सबसे महान विदेश मंत्री करार दिया। रूबियो ने भी अपने संक्षिप्त संबोधन में भारत को अमेरिका का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण साझेदार बताया। आर. रहमान की प्रस्तुति रही और रहमान ने अपने लोकप्रिय गीतों जैसे "दिल से", "मां तुझे सलाम" और "तेरे बिना" से समां बांध दिया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साझा मूल्यों पर एस जयशंकर का संबोधन
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसने व्यक्तिगत स्वतंत्रता, कानून के शासन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेह शासन जैसे महान विचारों को दुनिया के सामने रखा। जयशंकर के अनुसार, इन विचारों ने ही आधुनिक दुनिया के स्वरूप को गढ़ने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बहुलतावादी और परामर्श आधारित समाज में इन लोकतांत्रिक मूल्यों की स्वाभाविक प्रतिध्वनि हमेशा से रही है, जो दोनों देशों के बीच के वैचारिक संबंधों को और भी गहरा बनाती है। ट्रंप ने अपने संबोधन के अंत में एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी को अपना नमस्कार भेजने और उन्हें यह बताने के लिए कहा कि वह उनके बहुत बड़े प्रशंसक हैं।