अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ईरान के साथ कोई समझौता करता है, तो वह एक बेहतरीन और सही समझौता होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगी और हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाया जाएगा। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना
ट्रंप ने अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर तीखा हमला बोला और ओबामा के कार्यकाल के दौरान हुए परमाणु समझौते पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि उस डील ने ईरान को भारी मात्रा में नकदी दी और उसे परमाणु हथियार हासिल करने का रास्ता भी प्रदान किया। ट्रंप के अनुसार, ओबामा द्वारा किए गए समझौते ने अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाया और ईरान को अपनी परमाणु गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक लाभ दिया। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार ऐसी गलतियों को नहीं दोहराएगी और उनकी प्राथमिकता अमेरिका की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता होगी।
समझौते में जल्दबाजी न करने का निर्देश
ट्रंप ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच लगभग 3 महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति समझौते पर बातचीत काफी हद तक पूरी हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने अपने वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि वे इस समझौते की दिशा में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें। ट्रंप का मानना है कि दोनों पक्षों को उचित समय लेना चाहिए ताकि समझौते को सही तरीके से अंजाम दिया जा सके। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है, लेकिन समय अमेरिका के पक्ष में है, इसलिए जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की अमेरिकी नाकाबंदी तब तक पूरी तरह से जारी रहेगी, जब तक कि किसी समझौते पर अंतिम सहमति नहीं बन जाती और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते और उन्होंने ईरान को अब्राहम समझौते में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया, जो इजराइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से संबंधित है। ट्रंप ने कहा कि वह पश्चिम एशिया के उन सभी देशों को धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग किया है। उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन, बहरीन और इजराइल के नेताओं से इस विषय पर चर्चा की है।
समझौते के मुख्य बिंदु और भविष्य
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान एक ऐसे समझौते पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए हैं जिसके तहत ईरान अपने संवर्द्धित यूरेनियम का निपटान करेगा और बदले में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और यह राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम मंजूरी के अधीन है। इस प्रक्रिया में कुछ दिनों का समय लग सकता है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ संबंध अब अधिक पेशेवर और फलदायी होते जा रहे हैं, लेकिन ईरान को यह समझना होगा कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकता।