मोदी मेरे दोस्त हैं: ट्रंप ने भारत के साथ रिश्तों को बताया सबसे मजबूत

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मोदी मेरे दोस्त हैं: ट्रंप ने भारत के साथ रिश्तों को बताया सबसे मजबूत
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान फोन करके भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया। यह कार्यक्रम अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपने व्यक्तिगत समर्थन को साझा किया और जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध पहले कभी इतने प्रगाढ़ और बेहतर नहीं रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी बहुत पसंद हैं और वह उन्हें अपना एक करीबी दोस्त मानते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की जमकर सराहना

अमेरिकी एम्बेसी द्वारा आयोजित इस रिसेप्शन में सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, जिन्हें ट्रंप ने स्पीकरफोन के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "मुझे प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं। मोदी बहुत अच्छे हैं। " ट्रंप ने भारत के प्रति अपने भरोसे को दोहराते हुए कहा कि भारत उन पर और उनके देश पर 100 प्रतिशत भरोसा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश आज जितने करीब हैं, उतने पहले कभी नहीं थे।

भारत के लिए अटूट समर्थन का वादा

ट्रंप ने भारत के लिए अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि अगर भारत को कभी भी मदद की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें पता है कि उन्हें कहां संपर्क करना है। उन्होंने कहा, "अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत हो, तो उन्हें पता है कि कहां कॉल करना है। " ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास एक रिकॉर्ड इकॉनमी और रिकॉर्ड स्टॉक मार्केट है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत जो कुछ भी हासिल करना चाहता है, वह सब अमेरिका के पास उपलब्ध है। ट्रंप ने खुद को प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा प्रशंसक बताया।

मार्को रुबियो की प्रशंसा और भारत दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस दौरान सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो की भी जमकर तारीफ की, जो उस समय कार्यक्रम में मौजूद थे। ट्रंप ने रुबियो को अमेरिका के इतिहास का सबसे महान सेक्रेटरी ऑफ स्टेट बताया और " यह फोन कॉल ऐसे समय में आया जब मार्को रुबियो भारत के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं और वे 26 मई को हैदराबाद हाउस में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे।

रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय चर्चा

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मोदी और रुबियो ने शनिवार को अपनी मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और इसमें डिफेंस कोऑपरेशन, स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, एनर्जी सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी, एजुकेशन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। रुबियो ने पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर अमेरिका का नजरिया साझा किया। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, रुबियो ने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन ईरान को ग्लोबल एनर्जी मार्केट को बंधक नहीं बनाने देगा और अमेरिकी ऊर्जा निर्यात भारत की ऊर्जा आपूर्ति को विविधता प्रदान करने में सहायक हो सकता है।

एक दशक पुराना मजबूत रिश्ता

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इस अवसर पर कहा कि ट्रंप और मोदी के बीच का व्यक्तिगत रिश्ता दोनों देशों के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर उनसे प्रधानमंत्री मोदी की कुशलता के बारे में पूछते हैं। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता नया नहीं है, बल्कि लगभग एक दशक पुराना है और यह गहरा संबंध दोनों देशों के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत और अमेरिका की स्थिति और मजबूत हुई है।

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