विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप का मुज्तबा खामेनेई पर यूटर्न: 'समझदार और तर्कसंगत' बताकर की तारीफ

डोनाल्ड ट्रंप का मुज्तबा खामेनेई पर यूटर्न: 'समझदार और तर्कसंगत' बताकर की तारीफ
विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के प्रति अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। अब तक मुज्तबा के खिलाफ हमलावर रहने वाले ट्रंप ने अब उनकी जमकर तारीफ की है। मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने मुज्तबा खामेनेई को एक 'समझदार और तर्कसंगत' नेता करार दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि मुज्तबा अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की तुलना में कम कट्टर हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अयातुल्ला की हत्या के बाद अब समझौते की राह पहले से अधिक कठिन हो गई है।

ट्रंप के पिछले बयानों और वर्तमान यूटर्न का विरोधाभास

मुज्तबा खामेनेई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उनके पुराने रुख से पूरी तरह अलग है। जब मुज्तबा को ईरान का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था, तब ट्रंप ने उनकी तुलना एक 'बदमाश' से की थी। इतना ही नहीं, एक पुराने इंटरव्यू में ट्रंप ने मुज्तबा को समलैंगिक तक बता दिया था और दावा किया था कि उन्हें यह जानकारी सीआईए (CIA) के अधिकारियों से मिली है। इसके अलावा, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने मुज्तबा को जान से मारने की धमकी भी दी थी। अब अचानक उनके व्यवहार में आए इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है।

मुज्तबा की तारीफ के पीछे के संभावित कारण

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुज्तबा की तारीफ करने के पीछे कई रणनीतिक कारण माने जा रहे हैं। वर्तमान में ट्रंप ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों में लगे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है और मंगलवार, 21 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक रद्द हो गई। इस बैठक के रद्द होने का मुख्य कारण ईरान की सरकार में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की अत्यधिक दखलअंदाजी को माना जा रहा है और ऐसी स्थिति में, अमेरिका को उम्मीद है कि सुप्रीम लीडर मुज्तबा के हस्तक्षेप से ही बातचीत का रास्ता दोबारा खुल सकता है।

ईरान की बदलती स्थिति और समझौते की चुनौतियां

जब मुज्तबा खामेनेई ने पद संभाला था, तब ईरान की स्थिति काफी कमजोर मानी जा रही थी क्योंकि उसके 40 शीर्ष कमांडर मारे जा चुके थे और युद्ध में अमेरिका को बढ़त हासिल थी। हालांकि, अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और समझौते की मेज पर ईरान का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो यह वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन सकता है।

IRGC की धमकी और सरकार पर नियंत्रण

दूसरी ओर, बैठक रद्द होने के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने एक बयान जारी कर कहा है कि 'हमारी अंगुली ट्रिगर पर है' और यदि अमेरिका हमला करता है, तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने ईरान की पूरी सरकार को एक तरह से हाईजैक कर लिया है। वर्तमान में आईआरजीसी के प्रमुख अहमद वाहिदी ही सरकार के सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं।

विज्ञापन