यूरोप इस समय भीषण और जानलेवा गर्मी की चपेट में है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि भारत की तरह यूरोप के कई देशों में भी आसमान से आग बरस रही है। इस चिलचिलाती धूप और लू के कारण फ्रांस में अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। वहीं दूसरी ओर, ब्रिटेन में भी गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाया है, जहां तापमान ने 100 साल पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति आने वाले कुछ दिनों तक और भी विकट हो सकती है।
क्या है हीट डोम और क्यों बढ़ रही है गर्मी
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोप में इस समय हीट डोम की स्थिति बनी हुई है और हीट डोम वास्तव में एक हाई प्रेशर सिस्टम होता है, जो वायुमंडल में एक बर्तन के ढक्कन की तरह काम करता है। यह सिस्टम गर्म हवा को ऊपर उठने से रोकता है और उसे जमीन के पास ही कैद कर देता है। जब गर्म हवा ऊपर नहीं जा पाती, तो वह नीचे ही दबकर और अधिक गर्म हो जाती है, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति कई दिनों या हफ्तों तक बनी रह सकती है और जलवायु परिवर्तन के कारण इस हीट डोम का असर और भी ज्यादा खतरनाक और जानलेवा होता जा रहा है।
फ्रांस में मौतों का आंकड़ा और खेल आयोजनों पर असर
फ्रांस की जूनियर ऊर्जा मंत्री मौड ब्रेगॉन ने देश के हालातों पर जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। इन मौतों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि 5 लोगों की मौत झील, नदी या समुद्र के किनारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश के दौरान डूबने से हुई। वहीं, राजधानी पेरिस में एक बेहद दुखद घटना घटी, जहां 53 साल के एक धावक की रेस के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इसके अलावा, ल्योन शहर में भी एक महिला की हीटस्ट्रोक यानी लू लगने के कारण जान चली गई।
गर्मी के इस प्रकोप को देखते हुए फ्रांस की खेल मंत्री मरिना फेरारी ने घोषणा की है कि सुरक्षा कारणों से कुछ खेल प्रतियोगिताओं को रद्द करना पड़ा है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने सोमवार को मई महीने का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह हीटवेव पूरे हफ्ते जारी रह सकती है। पेरिस और ब्रिटनी सहित कई महत्वपूर्ण इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को इन क्षेत्रों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
लंदन में टूटा तापमान का रिकॉर्ड और ट्रॉपिकल नाइट
ब्रिटेन में भी गर्मी ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लंदन के प्रसिद्ध केव गार्डन में तापमान 34 दशमलव 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यह आंकड़ा मई महीने के पुराने रिकॉर्ड से 2 डिग्री अधिक है। ब्रिटेन ने मात्र 24 घंटे के भीतर दूसरी बार मई का सबसे गर्म दिन दर्ज किया है। इसके साथ ही लंदन में ट्रॉपिकल नाइट भी रिकॉर्ड की गई है, जिसका अर्थ है कि रात के समय भी तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरा। आमतौर पर यूरोप में रातें ठंडी होती हैं, लेकिन इस बार लोगों को रात में भी भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है।
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता खतरा
मौसम विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि मानवीय गतिविधियों के कारण बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसी खतरनाक हीटवेव अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और लंबे समय तक टिकने वाली हो गई हैं। यही मुख्य कारण है कि यूरोप में हर साल गर्मी के नए और डराने वाले रिकॉर्ड बन रहे हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी स्थितियां और भी सामान्य हो जाएंगी।