राजस्थान के बारां जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कांग्रेस के पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ एक नए कानूनी विवाद में फंस गए हैं और छबड़ा उपखंड के अंतर्गत आने वाले बापचा थाना क्षेत्र में एक किसान की शिकायत पर पूर्व विधायक, उनके भतीजे और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में किसान ने पूर्व विधायक पर जेसीबी मशीन के जरिए उसकी मेहनत से उगाई गई फसल को बर्बाद करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
चौकी गांव में फसल को पहुंचाया गया नुकसान
पूरा मामला बापचा थाना क्षेत्र के चौकी गांव का है। यहां के निवासी किसान बाबूलाल अहीर ने पुलिस को दी गई अपनी रिपोर्ट में विस्तार से घटना की जानकारी दी है। बाबूलाल अहीर के अनुसार, उनकी कृषि भूमि पर मक्का की फसल पूरी तरह से तैयार खड़ी थी। आरोप है कि पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ अपने भतीजे और कुछ अन्य साथियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर अचानक उनके खेत पर पहुंच गए और शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने बिना किसी अनुमति के खेत में जेसीबी चला दी और वहां खड़ी मक्का की फसल को बुरी तरह रौंद दिया। इस कार्रवाई से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
तारबंदी तोड़ने और जान से मारने की धमकी का आरोप
किसान बाबूलाल अहीर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि आरोपियों ने केवल फसल ही नष्ट नहीं की, बल्कि खेत की सुरक्षा के लिए चारों तरफ की गई तारबंदी को भी तोड़ दिया। किसान का आरोप है कि जब उन्होंने इस पूरी घटना का विरोध करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, किसान ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना के बाद से पीड़ित किसान का परिवार काफी डरा हुआ है और गांव में इस मामले को लेकर काफी तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
बापचा थाना पुलिस ने किसान की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस पूरे प्रकरण की जांच एएसआई सहदेव सिंह को सौंपी गई है। पुलिस की टीम अब घटनास्थल का मुआयना कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में है।
राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रिया का इंतजार
पूर्व विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद बारां की स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां किसान न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस मामले में अब तक पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ या उनके किसी प्रतिनिधि की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस पूरे विवाद की असली वजह क्या थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।