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टेस्ट क्रिकेट में ICC का नया नियम: गौतम गंभीर ने किया रेड और पिंक बॉल ट्रायल का समर्थन

टेस्ट क्रिकेट में ICC का नया नियम: गौतम गंभीर ने किया रेड और पिंक बॉल ट्रायल का समर्थन
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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक ट्रायल नियम पेश किया है। इस नए नियम के तहत अब एक ही टेस्ट मैच के दौरान लाल और गुलाबी (पिंक) दोनों गेंदों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खराब रोशनी के कारण खेल में होने वाली बाधाओं को दूर करना है, जिससे अक्सर मैच बिना किसी नतीजे के ड्रॉ पर समाप्त हो जाते हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने आईसीसी के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है और इसे खेल के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है।

क्या है आईसीसी का नया नियम?

आईसीसी की बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, टेस्ट मैच की शुरुआत हमेशा की तरह पारंपरिक लाल गेंद से ही की जाएगी और हालांकि, यदि मैच के दौरान प्राकृतिक रोशनी कम होती है और विजिबिलिटी (दृश्यता) की समस्या पैदा होती है, तो खेल को जारी रखने के लिए मैदान की फ्लडलाइट्स चालू की जाएंगी। चूंकि लाल गेंद फ्लडलाइट की कृत्रिम रोशनी में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है, इसलिए उस विशेष अवधि के दौरान पिंक बॉल का उपयोग किया जाएगा। यह नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होने जा रहा है। इस नियम को लागू करने के लिए एक अनिवार्य शर्त यह है कि मैच शुरू होने से पहले दोनों प्रतिस्पर्धी टीमों की सहमति होना आवश्यक है।

नतीजों के पक्ष में गौतम गंभीर का तर्क

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने इस नए नियम पर अपनी राय साझा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "मुझे यह नियम पसंद है। " गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में समय की बर्बादी और खराब रोशनी के कारण मैच का ड्रॉ होना खेल के रोमांच को कम करता है। उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) का उदाहरण देते हुए कहा, "कल्पना कीजिए कि आप वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल से पहले आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं और आपके पास उस टेस्ट मैच को जीतकर क्वालिफाई करने का मौका है। अगर खराब रोशनी के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है, तो यह निराशाजनक है।

खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियां

हालांकि गौतम गंभीर इस नियम के समर्थक हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक ही मैच में गेंद का रंग बदलना खिलाड़ियों के लिए तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लाल गेंद से अचानक पिंक बॉल पर स्विच करना बल्लेबाजों की एकाग्रता और गेंदबाजों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। " उनके अनुसार, खेल की अखंडता और परिणाम सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों को इस छोटे से बदलाव के साथ तालमेल बिठाना होगा।

नियम का प्रभाव और भविष्य

यह नया नियम टेस्ट क्रिकेट में उन ओवरों की बर्बादी को रोकेगा जो आमतौर पर शाम के समय खराब रोशनी के कारण काट दिए जाते हैं और 1 अक्टूबर से लागू होने वाले इस ट्रायल के माध्यम से आईसीसी यह देखना चाहती है कि क्या यह बदलाव टेस्ट क्रिकेट को अधिक परिणाम-उन्मुख बना सकता है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा और कोच गंभीर का मानना है कि खेल में सकारात्मक बदलाव हमेशा स्वागत योग्य होते हैं, खासकर जब वे खेल को ड्रॉ की तरफ बढ़ने से रोकते हों।

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