अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति और विकास बहाल करने के उद्देश्य से एक 'गाजा पीस बोर्ड' का गठन किया है। इस महत्वपूर्ण पहल में शामिल होने के लिए उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण भेजा है। हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अगर भारत। इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो यह कई मायनों में ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
गाजा पीस बोर्ड का बड़ा मकसद
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्थापित गाजा पीस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा पट्टी में विकास कार्यों को गति देना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। ट्रंप ने इजराइल और अमेरिका के बीच युद्धविराम के दौरान ही गाजा में विकास की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि अगर यहां जंग रुकती है, तो एक शांति बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो गाजा में चुनाव होने तक सभी विकास कार्यों की देखरेख करेगा। इस बोर्ड में 60 से अधिक सदस्यों को शामिल करने की तैयारी है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे और यह बोर्ड गाजा के पूरे परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि आ सके।
भारत के लिए क्यों अहम है यह मौका?
अगर भारत डोनाल्ड ट्रंप के इस आमंत्रण को स्वीकार करता है, तो यह दो प्रमुख कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। पहला, गाजा पीस बोर्ड में अमेरिका के बाद भारत मूल के सबसे ज्यादा दो सदस्य होंगे और वर्ल्ड बैंक के वर्तमान प्रमुख अजय बंगा पहले ही इस बोर्ड के सदस्य बन चुके हैं, और वह भारतीय मूल के हैं। दूसरा, यह अमेरिका के नेतृत्व वाले एक नए विश्व व्यवस्था में भारत की औपचारिक एंट्री का संकेत होगा। यह इसलिए भी खास है क्योंकि रूस और चीन जैसे देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता नहीं भेजा गया है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अमेरिका के साथ मजबूत होते रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। यह भारत को मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
कौन हैं अजय बंगा?
अजय बंगा एक प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी व्यापार कार्यकारी हैं, जिनका जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश के सेंट एडवर्ड्स स्कूल से प्राप्त की और बाद में दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बंगा ने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री हासिल की और अपने करियर की शुरुआत नेस्ले कंपनी से की। साल 2023 में उन्हें विश्व बैंक का प्रमुख नियुक्त किया गया,। जो किसी भारतीय मूल के व्यक्ति के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। उन्हें भारत में पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। हालांकि, 2007 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता ले ली थी। अब डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें गाजा में विकास और शांति बहाली की। बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जो उनके वैश्विक प्रभाव को और बढ़ाती है। उनके पिता हरभजन सिंह बंगा भारतीय सेना में एक अधिकारी रह चुके हैं।
अन्य देशों को भी न्योता
गाजा पीस बोर्ड की स्थापना डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक मध्य पूर्व रणनीति का हिस्सा है। उनका मानना है कि सैन्य संघर्षों को समाप्त करने के बाद, क्षेत्र में आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता लाना आवश्यक है। इस बोर्ड के माध्यम से, ट्रंप गाजा में एक मजबूत और आत्मनिर्भर भविष्य बनाने की कल्पना कर रहे हैं, जहां चुनाव होने तक विकास कार्यों की निगरानी की जा सके और यह पहल गाजा के लोगों के लिए एक नई उम्मीद जगा सकती है, जो दशकों से संघर्ष और अस्थिरता का सामना कर रहे हैं। बोर्ड का गठन यह सुनिश्चित करेगा कि गाजा में मानवीय सहायता। और पुनर्निर्माण के प्रयास एक संगठित और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ें।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए मध्य पूर्व के जॉर्डन। और तुर्की जैसे देशों के साथ-साथ दक्षिण एशिया के भारत और पाकिस्तान जैसे देशों को भी ऑफर दिया है। यह दर्शाता है कि ट्रंप एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाना चाहते हैं जो गाजा में शांति और विकास के लिए मिलकर काम करे और हालांकि, व्हाइट हाउस प्रशासन ने गाजा पीस बोर्ड को लेकर अभी तक ज्यादा विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह एक बहुराष्ट्रीय प्रयास होगा जिसका उद्देश्य गाजा के भविष्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित करना है। विभिन्न देशों की भागीदारी से बोर्ड को अधिक वैधता और। संसाधन प्राप्त होंगे, जिससे इसके लक्ष्यों को प्राप्त करना आसान होगा।