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सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, आज खरीदने पर होगी ₹15,000 की बड़ी बचत

सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, आज खरीदने पर होगी ₹15,000 की बड़ी बचत
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भारतीय सर्राफा बाजार में आज निवेशकों और खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है और पिछले काफी समय से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों में आज यानी गुरुवार, 22 जनवरी को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में लगभग 5% की बड़ी गिरावट आई है, जिससे प्रति किलो चांदी पर करीब 15,000 रुपये की बचत हो रही है। वहीं, सोने की कीमतों में भी प्रति 10 ग्राम 2,700 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई है।

चांदी की कीमतों में ₹15,000 की ऐतिहासिक गिरावट

आज सुबह जब बाजार खुला, तो चांदी की कीमतों ने सबको चौंका दिया और चांदी आज 3,03,584 रुपये प्रति किलो पर खुली है। गौरतलब है कि पिछले कारोबारी दिन यह 3,19,097 रुपये पर बंद हुई थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 3,20,075 रुपये का अपना ऑल-टाइम हाई भी बनाया था और लेकिन आज की गिरावट ने खरीदारों को एक बड़ा मौका दिया है। एक ही दिन में 15,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट हाल के। महीनों में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।

सोना भी हुआ सस्ता, ₹2,700 की आई कमी

चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी आज थोड़ी फीकी पड़ी है। सोना 2,728 रुपये गिरकर 1,51,499 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। एक दिन पहले सोने ने 1,55,204 रुपये का रिकॉर्ड हाई बनाया था और 1,54,277 रुपये पर बंद हुआ था। शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतों में आई यह कमी मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।

कीमतें गिरने के 3 मुख्य कारण

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में इस अचानक आई गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं और पहला कारण मुनाफावसूली (Profit Booking) है। पिछले दिनों कीमतों में आई भारी तेजी के बाद निवेशकों ने अपना मुनाफा निकालने के लिए बिकवाली शुरू कर दी है। दूसरा कारण शेयर बाजार में आई तेजी है। जब शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग कम हो जाती है और तीसरा कारण वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव में आई कमी है, जिससे सुरक्षित निवेश की होड़ कम हुई है।

निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट की सलाह?

अगर आप नई खरीदारी या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि थोड़ा और इंतजार करना सही रहेगा और अभी मुनाफावसूली का दौर चल रहा है, जिससे कीमतों में और गिरावट की संभावना बनी हुई है। हालांकि, जिन लोगों ने ऊंचे भाव पर चांदी खरीदी है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के लिए फंडामेंटल्स अब। भी मजबूत हैं, इसलिए होल्ड करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

2025 में सोने-चांदी का धमाकेदार प्रदर्शन

साल 2025 निवेश के लिहाज से सोने और चांदी के लिए ऐतिहासिक रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में सोने की कीमतों में 75% की वृद्धि हुई है। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये का था, जो 31 दिसंबर 2025 तक 1,33,195 रुपये तक पहुंच गया। वहीं चांदी ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 167% की बढ़त दर्ज की। 2024 के अंत में 86,017 रुपये प्रति किलो बिकने वाली। चांदी 2025 के अंत तक 2,30,420 रुपये तक पहुंच गई थी।

निवेश के दो बेहतरीन तरीके

यदि आप इस गिरावट का लाभ उठाना चाहते हैं, तो निवेश के दो मुख्य तरीके हैं। पहला है फिजिकल गोल्ड या सिल्वर खरीदना, जिसमें आप सिक्के या गहने खरीद सकते हैं। दूसरा और आधुनिक तरीका है गोल्ड-सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) और eTF के जरिए निवेश करना अधिक सुरक्षित और आसान माना जाता है क्योंकि इसमें चोरी का डर नहीं होता और आप इसे कभी भी बाजार भाव पर बेच सकते हैं।

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