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सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी के दाम ₹1500 बढ़े, जानें ताजा भाव

सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी के दाम ₹1500 बढ़े, जानें ताजा भाव
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दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अखिल भारतीय सर्राफा संघ (AIBA) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में पिछले तीन दिनों से जारी तेजी पर विराम लग गया। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच स्थानीय बाजार में सोने के दाम नीचे आए हैं। इसके विपरीत, औद्योगिक मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव मुख्य रूप से अमेरिका से प्राप्त आर्थिक संकेतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के परिणामस्वरूप देखा जा रहा है।

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के ताजा भाव

9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव ₹400 की गिरावट के साथ ₹1,65,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र यानी बुधवार को सोना ₹900 की बढ़ोत्तरी के साथ ₹1,65,600 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया था। बाजार के जानकारों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है। जब डॉलर अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग पर असर पड़ता है, जिसका सीधा प्रभाव घरेलू कीमतों पर भी दिखाई देता है। आज की गिरावट ने पिछले तीन दिनों से चल रहे तेजी के दौर को फिलहाल रोक दिया है।

चांदी की कीमतों में ₹1500 का बड़ा उछाल

सोने के विपरीत, चांदी की कीमतों में गुरुवार को जोरदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 54 प्रतिशत बढ़कर ₹2,76,500 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। बुधवार को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई थी, जहां यह ₹4275 टूटकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी में आई यह तेजी औद्योगिक मांग में सुधार और निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की ओर रुख करने के कारण हुई है। विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने चांदी को एक आकर्षक विकल्प बना दिया है, जिससे इसकी कीमतों को समर्थन मिला है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर कीमतों की स्थिति

वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में हलचल देखी गई। 99 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। 45 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट प्रवीण सिंह के अनुसार, हाजिर सोना वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतों के विपरीत दिशा में कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5100 डॉलर से 5250 डॉलर प्रति औंस के एक सीमित दायरे में बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक डेटा और केंद्रीय बैंकों की नीतियों का असर इन कीमतों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव

लेमन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में विपरीत दिशा में होने वाला यह बदलाव निवेशकों द्वारा वैश्विक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखने का परिणाम है। डॉलर के मजबूत होने और महंगाई की चिंताओं ने सोने की कीमतों को सीमित किया है। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा किया है। गौरव गर्ग ने बताया कि कारोबारियों ने इस तनाव के बीच चांदी में खरीदारी के अवसरों को पहचाना है, जिससे इसकी कीमतों में मजबूती आई है। भू-राजनीतिक अस्थिरता अक्सर कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण बनती है, क्योंकि निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों और ईरान की चेतावनी का असर

बाजार में इस समय कच्चे तेल की कीमतों को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। ईरान ने हाल ही में चेतावनी दी है कि यदि फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ता है, तो वैश्विक बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के लिए तैयार रहना चाहिए। ईरान के अनुसार, ऐसी स्थिति में कच्चे तेल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं। प्रवीण सिंह ने बताया कि सोने का व्यापार अक्सर कच्चे तेल की कीमतों के साथ एक जटिल संबंध साझा करता है। यदि ऊर्जा की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर वैश्विक महंगाई पर पड़ता है, जो अंततः सोने और चांदी जैसी धातुओं की मांग और उनकी कीमतों को प्रभावित करता है। फिलहाल बाजार की नजरें अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों और मध्य पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई हैं।

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