मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा और महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिल रहा है। हमास ने गाजा पट्टी में अपने हथियारों को छोड़ने और सत्ता का त्याग करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम मिस्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर और हमास के नेताओं के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सामने आया है। यह बैठक लगभग 90 मिनट तक चली, जिसमें गाजा के भविष्य और शांति प्रक्रिया पर गहन चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, हमास ने इस बात पर जोर दिया है कि वह गाजा को हथियारों और सैन्य ढांचे से पूरी तरह मुक्त करने के लिए तैयार है, जो इस क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ठोस कार्रवाई की मांग
बैठक के दौरान जेरेड कुशनर ने हमास के सामने अमेरिका का रुख स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि केवल वादे करना अब पर्याप्त नहीं होगा। कुशनर ने हमास के नेताओं से साफ तौर पर कहा कि उन्हें हथियार छोड़ने की दिशा में जमीनी स्तर पर ठोस और दिखाई देने वाले कदम उठाने होंगे। अमेरिका और इजराइल को हमास के इरादों पर पूरी तरह भरोसा नहीं है, इसलिए वे चाहते हैं कि हमास अपनी कार्रवाई के जरिए यह विश्वास पैदा करे। कुशनर ने यह भी संकेत दिया कि यदि हमास वास्तव में अपने हथियार डालता है, तो अमेरिका इजराइल पर भी दबाव बनाएगा कि वह शांति योजना के तहत अपने हिस्से के कदम उठाए। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य गाजा में हिंसा को समाप्त करना और एक स्थिर व्यवस्था कायम करना है।
तकनीकी सरकार को सत्ता सौंपने का प्रस्ताव
हमास के नेताओं ने कुशनर के साथ बातचीत में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि वे गाजा की शासन व्यवस्था को एक फिलिस्तीनी तकनीकी सरकार को सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमास का कहना है कि एक बार जब यह तकनीकी सरकार अपना काम शुरू कर देगी, तो हमास गाजा के प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार का दखल नहीं देगा। अमेरिका की भी यही शर्त है कि भविष्य में गाजा के शासन में हमास की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही हमास को अपने सभी सैन्य ठिकानों और हथियारों को पूरी तरह खत्म करना होगा। कुशनर ने स्पष्ट किया कि हथियार छोड़ने के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौते की गुंजाइश नहीं है, यह एक अनिवार्य शर्त है।
20 सूत्रीय शांति योजना और दूसरा चरण
यह पूरी वार्ता ट्रंप प्रशासन और बोर्ड ऑफ पीस की 20 सूत्रीय शांति योजना के दूसरे चरण पर आधारित थी। इस योजना के तहत यदि हमास हथियार डालना शुरू करता है, तो इजराइल से भी कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की अपेक्षा की गई है और इसमें गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल (International Stabilization Force) की तैनाती को मंजूरी देना शामिल है। इसके अलावा, रफाह के इलाके में पुनर्निर्माण कार्य शुरू करना और इजराइली सैनिकों की शुरुआती वापसी पर बातचीत करना भी इस योजना का हिस्सा है। अमेरिका गाजा में मानवीय सहायता को भी तेज करना चाहता है ताकि वहां के नागरिकों को राहत मिल सके। बैठक में हमास ने इजराइली हमलों पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की, जिस पर कुशनर ने याद दिलाया कि हमास को हथियार छोड़ने के लिए सहमत होने में ही 4 महीने का समय लग गया।
बैठक के प्रमुख प्रतिभागी
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां और राजनयिक शामिल थे। जेरेड कुशनर के साथ बोर्ड ऑफ पीस के वरिष्ठ प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, और वरिष्ठ सलाहकार आर्ये लाइटस्टोन व लिरान टैंकमैन मौजूद थे। हमास की ओर से उनके राजनीतिक नेता खलील अल-हय्या ने प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा, मिस्र के खुफिया प्रमुख हसन रशाद, कतर के राजनयिक अली अल-थवाड़ी और तुर्की के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस चर्चा में भाग लिया। पिछले अक्टूबर में हुए गाजा समझौते के बाद कुशनर और हमास के बीच यह पहली सीधी मुलाकात थी। बैठक के बाद हमास ने कहा कि वह ट्रंप की योजना के दूसरे चरण के रोडमैप पर सहमत है, जिसमें स्थायी युद्धविराम और इजराइली सेना की वापसी जैसे बिंदु शामिल हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की चुनौतियां
हालांकि हमास ने रोडमैप पर सहमति जताई है, लेकिन उनके आधिकारिक बयान में हथियार छोड़ने की बात को स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है और हमास ने इजराइल पर युद्धविराम के पहले चरण की शर्तों को पूरा न करने का आरोप लगाया है और मध्यस्थों से इजराइल पर दबाव बनाने की मांग की है। दूसरी ओर, बोर्ड ऑफ पीस अब हमास से सैन्य ढांचा हटाने की शुरुआत की उम्मीद कर रहा है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने भी कुशनर से मुलाकात की और कहा कि गाजा पिछले कई वर्षों से क्षेत्र की अस्थिरता का केंद्र रहा है। उनके अनुसार, गाजा में स्थिरता आने से न केवल वहां के लोगों को फायदा होगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में मदद मिलेगी।