हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल के लिए कानूनी मोर्चे पर एक साथ दो बड़ी खबरें सामने आई हैं और एक ओर जहां राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने उन्हें दो पुराने मामलों में बड़ी राहत देते हुए एफआईआर को रद्द कर दिया है, वहीं दूसरी ओर जंक्शन थाने में उनके खिलाफ जमीन विवाद से जुड़ा एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटनाक्रम क्षेत्र की राजनीति और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जमीन विवाद में नया मुकदमा और सीआईडी-सीबी की जांच
हनुमानगढ़ के जंक्शन थाने में विधायक गणेशराज बंसल और 8 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत सिविल लाइंस निवासी हरबंस सिंह द्वारा दी गई है। परिवादी हरबंस सिंह का आरोप है कि विधायक और उनके साथियों ने एक प्लॉट पर बनी चारदीवारी को तोड़ दिया और उस प्लॉट को अपने रिश्तेदारों के नाम करवाने का प्रयास किया और पुलिस ने इस शिकायत पर प्रारंभिक जांच करने के बाद मामला दर्ज कर लिया है। चूंकि यह मामला एक मौजूदा विधायक से जुड़ा है, इसलिए नियमानुसार इसकी जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी जाएगी।
बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने इस नए प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें धारा 308(2), 329(4), 331(6), 324(4), 324(5), 191(2), 191(3) और 190 शामिल की गई हैं। ये धाराएं मुख्य रूप से संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध रूप से एकत्र होने से संबंधित हैं। अब सीआईडी-सीबी की टीम हरबंस सिंह द्वारा लगाए गए इन आरोपों की गहराई से जांच करेगी और तथ्यों का पता लगाएगी।
हाईकोर्ट ने दो एफआईआर को किया निरस्त
इसी दौरान, राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने विधायक गणेशराज बंसल को बड़ी राहत दी है। अदालत ने हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में ही दर्ज दो अन्य एफआईआर को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह आदेश याचिकाकर्ता संतोष बंसल की आपराधिक विविध याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया। इस फैसले से गणेशराज बंसल, संतोष बंसल और वंदना जैन को बड़ी राहत मिली है और इन मामलों में उन पर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पट्टे जारी करने के आरोप लगाए गए थे। इससे पहले 23 सितंबर को हाईकोर्ट ने इन मामलों में गिरफ्तारी और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी और अपना विस्तृत आदेश सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में विधायक की ओर से अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय और विनोद शर्मा ने प्रभावी पैरवी की।
विधायक ने बताया राजनीतिक रंजिश का हिस्सा
इन कानूनी घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक गणेशराज बंसल ने इसे राजनीतिक रंजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये सभी मामले आगामी नगर निकाय चुनावों से प्रेरित हैं। विधायक के अनुसार, "मुझ पर सभापति चुनावों से ठीक पहले मुकदमे दर्ज किए गए और मेरी गिरफ्तारी भी की गई थी। " उन्होंने आगे कहा कि उन्हें देश की न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह हाईकोर्ट ने पिछले दो मुकदमों को रद्द कर दिया है, उसी तरह इस नए मामले में भी सच्चाई सामने आएगी और दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा।