देश के पहाड़ी राज्यों में कुदरत का सफेद कहर बरपा है। करीब तीन महीने के लंबे सूखे के बाद हुई इस सीजन की पहली भारी बर्फबारी ने जहां एक। तरफ पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ इसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था ठप हो गई है।
हिमाचल में यातायात ठप, 685 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य प्रशासन के अनुसार, भारी बर्फबारी के कारण दो नेशनल हाईवे समेत कुल 685 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे ज्यादा असर लाहौल-स्पीति जिले में देखने को मिला है, जहां 292 सड़कें पूरी तरह से बंद हैं। इसके अलावा चंबा में 132, मंडी में 126, कुल्लू में 79 और सिरमौर में 29 सड़कें ब्लॉक हैं। सड़कों पर बर्फ की फिसलन के कारण गाड़ियों का चलना दूभर हो गया है और प्रशासन लगातार बर्फ हटाने के काम में जुटा है।
मनाली में 8 घंटे का महाजाम
पर्यटन नगरी मनाली में बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों के लिए यह सफर मुसीबत बन गया है। मनाली के पास 100 से ज्यादा गाड़ियां बर्फ में फंसी हुई हैं। शनिवार को पर्यटकों को 8 घंटे से भी ज्यादा समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा और शिमला से महज 10 किलोमीटर दूर ढल्ली के पास ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया गया है क्योंकि हिंदुस्तान-तिब्बत रोड पर बर्फ की कई फीट ऊंची परत जम गई है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
जम्मू-कश्मीर में NH-44 बंद, सेना ने संभाला मोर्चा
जम्मू-कश्मीर में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। उधमपुर के जखानी इलाके में सैकड़ों गाड़ियां और ट्रक फंसे हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सभी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी है। गुलमर्ग में तापमान गिरकर माइनस 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि श्रीनगर में यह माइनस 1. 4 डिग्री दर्ज किया गया। सेना और स्थानीय प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों के लिए खाने और रहने की व्यवस्था की है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
उत्तराखंड में मसूरी के होटल फुल
उत्तराखंड के मसूरी और धनोल्टी जैसे इलाकों में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की खबर मिलते ही दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों से पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है और मसूरी के लगभग सभी होटल पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। स्थानीय दुकानदारों और होटल मालिकों के चेहरे खिले हुए हैं क्योंकि लंबे समय बाद पर्यटन कारोबार में तेजी आई है और हालांकि, सड़कों पर भारी भीड़ और फिसलन के कारण पुलिस को ट्रैफिक नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए पहाड़ी राज्यों में और अधिक बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचे इलाकों में न जाने की हिदायत दी है और बिजली की लाइनें टूटने से कई गांवों में अंधेरा छाया हुआ है, जिसे बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।