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: हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस के 2 AC कोच में लगी भीषण आग, नामपल्ली स्टेशन पर मचा हड़कंप

- हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस के 2 AC कोच में लगी भीषण आग, नामपल्ली स्टेशन पर मचा हड़कंप
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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की शाम एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। यहाँ खड़ी हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस के दो थर्ड AC कोचों में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल पैदा हो गया। यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन अपने निर्धारित समय पर जयपुर के लिए रवाना होने की तैयारी में थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते ट्रेन के B-1 और B-2 कोच धू-धू कर जलने लगे। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरी घटना के दौरान किसी भी यात्री के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई है और रेलवे अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य शुरू किया।

ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले भड़की आग

जानकारी के अनुसार, हैदराबाद-जयपुर स्पेशल ट्रेन शुक्रवार की शाम को नामपल्ली स्टेशन से जयपुर के लिए प्रस्थान करने वाली थी। रेलवे के आधिकारिक समय के अनुसार, इस ट्रेन को शाम 7:50 बजे अपनी यात्रा शुरू करनी थी, हालांकि कुछ अधिकारियों ने प्रस्थान का समय शाम 7:00 बजे भी बताया है। ट्रेन के रवाना होने से लगभग आधा घंटा पहले, यानी करीब 6:30 बजे, ट्रेन के थर्ड एसी कोच बी-2 (B2) से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती देखी गईं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास के ही बी-1 (B1) कोच को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी, जिसके कारण आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं और धुएं का गुबार आसमान में छा गया था।

यात्रियों में मची अफरा-तफरी और बचाव के प्रयास

जैसे ही कोच से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, ट्रेन के भीतर और प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों के बीच भारी हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्री अपनी जान बचाने के लिए तुरंत ट्रेन से नीचे उतरने लगे और प्लेटफॉर्म से सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस समय कोचों में यात्रियों की संख्या कम थी, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। घटना के दौरान कुछ यात्रियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रेन में मौजूद फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्रों) का उपयोग किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए ताकि धुआं बाहर निकल सके और आग बुझाने में मदद मिल सके।

स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

आग बुझाने के प्रयासों में यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बताया जा रहा है कि दो यात्रियों ने स्टेशन पर उपलब्ध पानी की पाइपों का सहारा लिया और आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसी बीच, घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग बुझाने का व्यापक अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। चूंकि ट्रेन प्लेटफॉर्म पर स्थिर खड़ी थी, इसलिए बचाव दल को आग तक पहुंचने और उसे बुझाने में अधिक कठिनाई नहीं हुई।

शॉर्ट सर्किट की आशंका और विस्तृत जांच के आदेश

रेलवे अधिकारियों ने इस घटना के बाद प्रभावित कोचों का गहन निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच और परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना के वास्तविक और सटीक कारणों का पता फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। रेलवे ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वर्तमान में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्टेशन पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और प्रभावित कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया है।

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