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IND vs USA: सूर्यकुमार यादव ने कोहली को पछाड़ा, रोहित का रिकॉर्ड बचा

IND vs USA: सूर्यकुमार यादव ने कोहली को पछाड़ा, रोहित का रिकॉर्ड बचा
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मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे मुकाबले में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक ऐतिहासिक पारी खेली है। यूएसए के खिलाफ टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक छोर संभालते हुए 49 गेंदों में नाबाद 84 रनों की पारी खेली। इस पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 161 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। एक समय भारतीय टीम ने महज 77 रनों पर अपने 6 विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद सूर्या की इस पारी ने टीम को संकट से उबारा।

विराट कोहली का रिकॉर्ड टूटा, रोहित शर्मा से पीछे रहे सूर्या

सूर्यकुमार यादव ने अपनी 84 रनों की इस पारी के साथ ही टी20 वर्ल्ड कप में बतौर भारतीय कप्तान सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले विराट कोहली ने साल 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ 57 रनों की पारी खेली थी। अब सूर्यकुमार यादव इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, वह रोहित शर्मा के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए और रोहित शर्मा ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 92 रनों की आतिशी पारी खेली थी, जो आज भी किसी भारतीय कप्तान द्वारा इस टूर्नामेंट में बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है।

कप्तानी डेब्यू पर वैश्विक स्तर पर हासिल किया बड़ा मुकाम

सूर्यकुमार यादव के लिए यह मैच इसलिए भी खास था क्योंकि वह पहली बार टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। बतौर कप्तान अपने डेब्यू मैच में 84 रन बनाकर उन्होंने पाकिस्तान के बाबर आजम को भी पीछे छोड़ दिया है। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने साल 2009 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 88 रन बनाए थे। सूर्या अब इस वैश्विक सूची में दूसरे स्थान पर आ गए हैं, जबकि बाबर आजम 68 रनों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।

वानखेड़े में संकट के समय कप्तान की जुझारू पारी

मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था और यूएसए के गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से भारतीय शीर्ष क्रम को दबाव में रखा। जब स्कोर 77/6 था, तब सूर्यकुमार यादव ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। उनकी पारी में क्लासिक शॉट्स और 360-डिग्री हिटिंग का मिश्रण देखने को मिला। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, सूर्या ने अपनी पारी के दौरान स्ट्राइक रोटेशन पर ध्यान देने के साथ-साथ अंतिम ओवर्स में तेजी से रन बटोरे, जिससे भारत 160 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार करने में सफल रहा।

विश्लेषकों के अनुसार पारी का महत्व

क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की यह पारी उनकी परिपक्वता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दबाव की स्थिति में कप्तानी की जिम्मेदारी निभाते हुए इस तरह की पारी खेलना टीम के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण है और आंकड़ों के आधार पर, टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय कप्तानों का प्रदर्शन हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। एमएस धोनी ने साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 45 रनों की पारी खेली थी, जबकि अब सूर्या ने अपनी पहली ही पारी में एक नया मानक स्थापित कर दिया है।

निष्कर्ष के तौर पर, सूर्यकुमार यादव की 84 रनों की नाबाद पारी ने न केवल भारत को एक लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स की सूची में भी उन्हें शीर्ष पर ला खड़ा किया है। अब सारा दारोमदार भारतीय गेंदबाजों पर होगा कि वे इस स्कोर का बचाव करते हुए टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करें।

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