दुनिया आपके तमाशे से गुमराह नहीं होगी, भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

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दुनिया आपके तमाशे से गुमराह नहीं होगी, भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
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भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि दुनिया उसके राजनीतिक तमाशे से गुमराह होने वाली नहीं है। पाकिस्तान द्वारा मनाए गए तथाकथित 'यौम-ए-इस्तेहसाल' पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और पड़ोसी देश को राजनीतिक दुष्प्रचार बंद करने की सलाह दी है। भारत ने दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़े सभी मामले पूरी तरह से भारत का आंतरिक विषय हैं और इसमें किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है।

राजनीतिक बेतुकापन और दुष्प्रचार

भारत के संविधान से आर्टिकल 370 को निरस्त किए हुए अब 7 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी पुरानी आदतों को दोहराते हुए 5 अगस्त को 'यौम-ए-इस्तेहसाल' के रूप में मनाया। भारत ने पाकिस्तान की इस हरकत को 'राजनीतिक बेतुकापन' करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि भारत पाकिस्तान के इन प्रयासों को पूरी तरह से खारिज करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य केवल भारत विरोधी दुष्प्रचार फैलाना है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय अच्छी तरह समझता है।

अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा

भारत ने अपने रुख को पूरी स्पष्टता के साथ दुनिया के सामने रखा है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और हमेशा रहेंगे। 5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला हैं। भारत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता और प्रगति लाना था, और इसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं।

विकास और सुशासन का नया युग

भारत के अनुसार, आर्टिकल 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में एक नई शुरुआत हुई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि ये बदलाव वहां के नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए किए गए हैं और पाकिस्तान को इन पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

पाकिस्तान का दोहरा चरित्र और मानवाधिकार

भारत ने पाकिस्तान के 'लोकस स्टैंडी' (हस्तक्षेप करने का अधिकार) पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का कोई हक नहीं है। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान इस तरह के झूठे प्रचार के जरिए अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के वैश्विक केंद्र होने की अपनी छवि से दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है। भारत ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि वह अपने देश के भीतर और अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर ध्यान दे।

PoJK में हिंसा और दमन

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत के अनुसार, हाल के हफ्तों में PoJK में शांतिपूर्ण नागरिक अधिकार आंदोलनों को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने घातक बल का प्रयोग किया है। वहां लक्षित हत्याओं और कड़े प्रतिबंधों का सहारा लिया गया है। निहत्थे नागरिकों पर राज्य प्रायोजित यह हिंसा पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को पूरी तरह उजागर करती है। एक तरफ पाकिस्तान मानवाधिकारों की बात करता है और दूसरी तरफ अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में नागरिकों का दमन करता है।

भारत की स्पष्ट मांग

भारत ने साफ संदेश दिया है कि दुनिया पाकिस्तान के इस तरह के प्रायोजित प्रचार से गुमराह नहीं होने वाली है और भारत अपनी संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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