नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) का दोहरा चेहरा एक बार फिर सारी दुनिया के सामने है। पिछले साल पुलवामा (Pulwama) में हुए आतंकी हमले में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआइए) द्वारा चार्जशीट दायर करने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Ministry of External Affairs) ने कहा, हमने पाकिस्तान के साथ पर्याप्त सबूत साझा किए हैं लेकिन वह जवाब देने से लगातार बच रहा है। अफसोस की बात है कि पुलवामा मामले का मुख्य आरोपी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी समूह का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में पनाह लिए हुए है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'पुलवामा हमले की चार्जशीट डेढ़ साल की जांच के बाद फाइल की गई। यह चार्जशीट आतंकवाद और जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए फाइल की गई है।हमारा उद्देश्य केवल बयान या नोटिफिकेशन जारी करना नहीं है।' हमारा लक्ष्य सिर्फ बयान जारी करना नहीं, बल्कि अपराधियों को कानून और न्याय के दायरे में लाना है।
During 18th meeting of WMCC last week, India & China had a candid & in-depth exchange of views on existing situation in border areas. Both sides have reaffirmed that they will continue to sincerely work towards complete disengagement of troops along LAC in western sector: MEA pic.twitter.com/cYIc5wRqqQ
— ANI (@ANI) August 27, 2020
मुंबई हमलों का भी किया जिक्र
2008 में आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए हमलों का जिक्र करते हुए दौरान विदेश मंत्रालय ने कहा कि सबूत दिए जाने के बावजूद अपराधियों के खिलाफ पाकिस्तान ने किसी तरह की विश्वसनीय कार्रवाई नहीं की।
भारत-चीन सीमा का भी जिक्र
चीन के साथ भारत की वार्ता का जिक्र करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, पिछले हफ्ते WMCC की 18 वीं बैठक के दौरान, भारत और चीन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा स्थिति पर विचारों का स्पष्ट और गहन आदान-प्रदान किया था। दोनों पक्षों ने पुन: पुष्टि की है कि वे पश्चिमी क्षेत्र में LAC के साथ सैनिकों के पूर्ण विघटन की दिशा में ईमानदारी से काम करना जारी रखेंगे।