एशियन गेम्स: भारत ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में बनाई जगह, गोल्ड मेडल के लिए श्रीलंका से होगी भिड़ंत

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एशियन गेम्स: भारत ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में बनाई जगह, गोल्ड मेडल के लिए श्रीलंका से होगी भिड़ंत
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एशियन गेम्स 2026 के वुमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश को करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने न केवल फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, बल्कि देश के लिए कम से कम सिल्वर मेडल भी सुनिश्चित कर लिया है। अब भारतीय टीम की नजरें गोल्ड मेडल पर टिकी हैं, जिसके लिए उनका मुकाबला फाइनल में श्रीलंका की टीम से होगा। इस पूरे मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने खेल के हर क्षेत्र में बांग्लादेशी टीम को पीछे छोड़ दिया और एकतरफा जीत हासिल की।

शेफाली वर्मा ने रचा इतिहास और जड़ा धमाकेदार शतक

इस सेमीफाइनल मुकाबले की सबसे बड़ी विशेषता युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी रही। शेफाली ने बांग्लादेशी गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए मैदान के चारों ओर रनों की बौछार कर दी। उन्होंने पारी की आखिरी गेंद पर 1 रन लेकर अपना शतक पूरा किया। शेफाली ने मात्र 49 गेंदों में 100 रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वह मैच के अंत तक नाबाद रहीं। यह उनके व्हाइट बॉल क्रिकेट करियर का पहला शतक है। इसके साथ ही शेफाली वर्मा एशियन गेम्स के इतिहास में क्रिकेट टूर्नामेंट में शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस पारी ने भारत को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।

भारत ने खड़ा किया 195 रनों का विशाल लक्ष्य

मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 195 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। शेफाली वर्मा के अलावा अन्य अनुभवी बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया। उपकप्तान स्मृति मंधाना ने तेज शुरुआत करते हुए 19 गेंदों में 37 रन बनाए। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की और 33 गेंदों में 40 रनों की पारी खेली। हालांकि, मध्यक्रम में कुछ अन्य बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। कमलिन ने 3 रन बनाए, जबकि विकेटकीपर ऋचा घोष केवल 2 रन बनाकर आउट हो गईं। भारती फुलमाली 9 रन बनाकर नाबाद रहीं। बांग्लादेश की ओर से गेंदबाजी करते हुए मारूफा अख्तर, शंजीदा अख्तर, राबेया खान और नाहिदा अख्तर ने 1-1 विकेट हासिल किया, लेकिन वे भारतीय रनों की गति पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रहीं।

बांग्लादेशी बल्लेबाजी का पतन और भारतीय गेंदबाजों का जलवा

196 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पारी के दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर टीम को पहला झटका लगा जब जुएरिया फिरदौस बिना खाता खोले गोल्डन डक का शिकार होकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद बांग्लादेशी टीम के विकेट गिरने का सिलसिला लगातार जारी रहा और कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी। सलामी बल्लेबाज दिलीरा अख्तर ने संघर्ष करने की कोशिश की और 23 गेंदों पर 27 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और एक छक्का शामिल था। उनके अलावा शर्मीन अख्तर ने 10 रन और सुल्ताना खातून ने 12 रन बनाए। इन तीनों के अलावा बांग्लादेश का कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। पूरी बांग्लादेशी टीम 15 दशमलव 4 ओवर में मात्र 81 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

नंदनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने झटके 3-3 विकेट

भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही बांग्लादेशी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। गेंदबाजी विभाग में नंदनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। इन दोनों ही गेंदबाजों ने बांग्लादेशी बल्लेबाजी की कमर तोड़ते हुए 3-3 विकेट अपने नाम किए। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने बांग्लादेशी बल्लेबाज बेबस नजर आए। भारतीय टीम की इस अनुशासित गेंदबाजी के कारण बांग्लादेश की टीम लक्ष्य के आधे रास्ते तक भी नहीं पहुंच सकी और भारत ने 114 रनों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

22 सितंबर को होगा गोल्ड मेडल के लिए महामुकाबला

एशियन गेम्स के इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अब भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। आपको बता दें कि पहले सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। अब गोल्ड मेडल के लिए भारत और श्रीलंका की टीमें 22 सितंबर को आमने-सामने होंगी। इस मैच को जीतने वाली टीम को गोल्ड मेडल मिलेगा, जबकि हारने वाली टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ेगा। वहीं, ब्रॉन्ज मेडल के लिए पाकिस्तान की टीम का मुकाबला बांग्लादेश से होगा। भारतीय टीम जिस फॉर्म में है, उसे देखते हुए गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।

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