हॉकी वर्ल्ड कप: टीम इंडिया का दमदार आगाज, ओलंपिक रनर-अप चीन को जीत से रोका

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हॉकी वर्ल्ड कप: टीम इंडिया का दमदार आगाज, ओलंपिक रनर-अप चीन को जीत से रोका
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नीदरलैंड और बेल्जियम में एक साथ आयोजित हो रहे पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत भारतीय हॉकी के लिए बेहद उत्साहजनक रही है। भारत की दोनों टीमों, पुरुष और महिला, ने अपने शुरुआती मुकाबलों में शानदार खेल का प्रदर्शन किया है। जहां पुरुष टीम ने जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया, वहीं महिला टीम ने दुनिया की दिग्गज टीमों में शुमार चीन को बराबरी पर रोककर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। यह शुरुआत भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

मेंस वर्ल्ड कप में वेल्स पर भारत की जीत

मेंस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने अपने पहले पूल मैच में वेल्स के खिलाफ मैदान संभाला। भारतीय पुरुष टीम ने खेल के हर विभाग में वेल्स को पछाड़ते हुए 3-1 से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत ने भारतीय खेमे में आत्मविश्वास का संचार किया, जिसका सकारात्मक असर अगले दिन महिला टीम के मैच में भी देखने को मिला। पुरुष टीम की इस सफलता ने महिला टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया था।

महिला टीम का चीन के खिलाफ कड़ा संघर्ष

नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में रविवार 16 अगस्त को पूल D के अपने पहले मैच में भारतीय महिला टीम का सामना चीन से हुआ। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था क्योंकि चीन की टीम वर्तमान में बेहद मजबूत स्थिति में है। चीन ने पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला हॉकी इवेंट का सिल्वर मेडल जीता था, जबकि पिछले एशियन गेम्स में यह टीम गोल्ड मेडलिस्ट थी। इसके बावजूद, भारतीय खिलाड़ियों ने मैच की शुरुआत से ही चीन पर दबाव बनाए रखा और लंबे समय तक मैच में अपनी पकड़ मजबूत रखी।

मैच का रोमांचक घटनाक्रम और गोल

मैच के 8वें मिनट में ही भारत ने अपनी आक्रामक रणनीति का फल पाया जब नवनीत कौर ने एक बेहतरीन फील्ड गोल दागकर टीम इंडिया को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, यह बढ़त पहले क्वार्टर के अंत तक ही टिक सकी। 15वें मिनट में चीन को एक पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे झांग यिंग ने गोल में तब्दील कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

दूसरे क्वार्टर में भारत ने फिर से वापसी की और चीन की रक्षापंक्ति को भेदने में सफलता हासिल की। मैच के 25वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे दीपिका ने गोल में बदलकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। भारत ने इस बढ़त को अगले 14 मिनट तक बरकरार रखा, जो उनके मजबूत डिफेंस का प्रमाण था। लेकिन 39वें मिनट में चीन ने भी पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाया और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।

भारतीय डिफेंस की मजबूती और अंतिम परिणाम

मैच के अंतिम चरणों में चीन ने बढ़त हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। चीन को 3 पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने दीवार की तरह खड़े होकर चीन की हर कोशिश को नाकाम कर दिया। पूरे 60 मिनट के खेल के बाद मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस ड्रॉ के साथ दोनों टीमों को 1-1 अंक मिला है। पूल तालिका में इंग्लैंड पहले स्थान पर है, जिसने अपना पहला मैच जीता था, जबकि चीन दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर काबिज है।

चीन के खिलाफ ड्रॉ के मायने और अगला मुकाबला

भारतीय टीम के लिए यह ड्रॉ किसी जीत से कम नहीं है क्योंकि सामने चीन जैसी मजबूत टीम थी। चीन की इस टीम ने ही पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि भारतीय टीम उस ओलंपिक में खेल भी नहीं पाई थी। वहीं उससे पहले 2023 में एशियन गेम्स में इसी टीम ने गोल्ड मेडल भी जीता था। ऐसी मजबूत टीम के खिलाफ हार से बचना और उन्हें बराबरी पर रोकना भारतीय टीम के बढ़ते स्तर को दर्शाता है। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 18 अगस्त को साउथ अफ्रीका से होगा, जो अपना पहला मैच इंग्लैंड से हार चुकी है। भारतीय टीम इस लय को बरकरार रखते हुए अपनी पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

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