भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 के अपने अंतिम ग्रुप स्टेज मुकाबले में नीदरलैंड्स को 17 रन से पराजित कर दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 176 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज के अपने सभी चार मैचों में जीत हासिल की है और वह अजेय रहते हुए सुपर-8 चरण में प्रवेश कर चुकी है। मैच का फैसला अंतिम ओवर में हुआ जहां नीदरलैंड्स को जीत के लिए 28 रनों की दरकार थी लेकिन शिवम दुबे ने शानदार गेंदबाजी करते हुए लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया।
शिवम दुबे का बल्ले और गेंद से ऑलराउंड प्रदर्शन
इस मुकाबले के असली नायक शिवम दुबे रहे जिन्होंने पहले बल्लेबाजी और फिर गेंदबाजी में अपना लोहा मनवाया। दुबे ने भारतीय पारी के दौरान आक्रामक रुख अपनाते हुए मात्र 66 रनों की पारी खेली जिसमें 6 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत ही भारत 193 के चुनौतीपूर्ण योग तक पहुंचने में सफल रहा। बल्लेबाजी के बाद दुबे ने गेंदबाजी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मैच का सबसे महत्वपूर्ण आखिरी ओवर डाला और कुल 2 विकेट अपने नाम किए। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला और टीम की जीत सुनिश्चित की।
भारतीय गेंदबाजी और वरुण चक्रवर्ती का स्पेल
गेंदबाजी विभाग में वरुण चक्रवर्ती सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपनी फिरकी के जाल में नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों को फंसाया और महत्वपूर्ण 3 विकेट चटकाए। चक्रवर्ती की किफायती गेंदबाजी ने मध्य ओवरों में नीदरलैंड्स की रन गति पर अंकुश लगाया। उनके अलावा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने भी अनुशासित गेंदबाजी की और 1-1 विकेट हासिल किया। नीदरलैंड्स की ओर से बल्लेबाजों ने संघर्ष जरूर किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सटीक लाइन और लेंथ के सामने वे लक्ष्य से पीछे रह गए।
फील्डिंग में भारी चूक और 5 कैच ड्रॉप
मैच के दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग काफी निराशाजनक रही। टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने कुल 5 कैच टपकाए जिससे नीदरलैंड्स को मैच में बने रहने के कई मौके मिले। कैच छोड़ने वाले खिलाड़ियों में अक्षर पटेल, अभिषेक शर्मा, वॉशिंगटन सुंदर, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा शामिल थे। इन जीवनदानों के कारण नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरे और मैच को अंतिम ओवर तक ले जाने में सफल रहे। हालांकि खराब फील्डिंग के बावजूद गेंदबाजों ने स्थिति को संभाला और विपक्षी टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया।
सुपर-8 का समीकरण और अगला मुकाबला
ग्रुप स्टेज में शीर्ष पर रहने के बाद अब भारतीय टीम सुपर-8 के ग्रुप 1 में अपनी जगह बना चुकी है। इस ग्रुप में भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टीमें शामिल हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार भारत का सुपर-8 में पहला मुकाबला 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा। टीम इंडिया अब अपनी गलतियों विशेषकर फील्डिंग में सुधार कर अगले चरण में उतरना चाहेगी। ग्रुप स्टेज के सभी मैच जीतकर टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है और वह खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में आगे बढ़ रही है।