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टी20 वर्ल्ड कप: विराट कोहली का रिकॉर्ड खतरे में, साहिबजादा फरहान करीब

टी20 वर्ल्ड कप: विराट कोहली का रिकॉर्ड खतरे में, साहिबजादा फरहान करीब
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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ने अपने असाधारण प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण मुकाबले में फरहान ने न केवल अपनी टीम को जीत दिलाई, बल्कि पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली के एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान ने सुपर-8 चरण के लिए अपनी जगह सुरक्षित कर ली है, जिससे फरहान को आगामी मैचों में रिकॉर्ड तोड़ने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।

नामीबिया के खिलाफ ऐतिहासिक शतक और सुपर-8 में प्रवेश

नामीबिया के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में साहिबजादा फरहान ने विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शानदार शतक जड़ा। उनकी इस पारी की बदौलत पाकिस्तान ने निर्धारित 20 ओवरों में 200 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह केवल दूसरा अवसर है जब किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज ने शतकीय पारी खेली है। इससे पहले वर्ष 2014 में अहमद शहजाद ने बांग्लादेश के खिलाफ 111 रनों की पारी खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी। फरहान की इस पारी ने न केवल पाकिस्तान की सुपर-8 की उम्मीदों को जीवित रखा, बल्कि उन्हें टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोररों की सूची में भी ऊपर पहुंचा दिया है।

विराट कोहली के 2014 के रिकॉर्ड पर मंडराता खतरा

वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। कोहली ने 2014 के टी20 वर्ल्ड कप में 6 मैचों के दौरान 319 रन बनाए थे। साहिबजादा फरहान ने अब तक खेले गए 4 मैचों में 220 रन बना लिए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। उन्हें कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अब केवल 100 रनों की आवश्यकता है। पाकिस्तान के सुपर-8 में पहुंचने के बाद, फरहान को श्रीलंका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ कम से कम तीन और पारियां खेलने को मिलेंगी। यदि पाकिस्तान सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचता है, तो उनके पास रनों के इस आंकड़े को और बढ़ाने का मौका होगा।

साहिबजादा फरहान के टूर्नामेंट आंकड़े और प्रदर्शन

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साहिबजादा फरहान की निरंतरता पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रही है। 4 मैचों में 220 रनों के साथ उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही प्रभावशाली रहे हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी को हुई थी और 18 फरवरी तक सुपर-8 की टीमें तय हो चुकी हैं। फरहान ने अपनी बल्लेबाजी शैली से यह साबित किया है कि वह पावरप्ले का बेहतर उपयोग करने में सक्षम हैं। उनकी फॉर्म ने पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती प्रदान की है, जिससे टीम बड़े लक्ष्यों का पीछा करने या बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही है।

पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम में बदलाव और बाबर आजम की स्थिति

साहिबजादा फरहान की शानदार फॉर्म का सीधा प्रभाव पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम और टीम संयोजन पर पड़ा है और फरहान द्वारा सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी जगह पक्की करने के कारण कप्तान बाबर आजम को नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हालांकि बाबर आजम को शीर्ष क्रम में अधिक प्रभावी माना जाता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में वह मध्यक्रम में संघर्ष करते नजर आए हैं और नामीबिया के खिलाफ मैच में बाबर आजम को बल्लेबाजी का अवसर भी नहीं मिल सका। टीम प्रबंधन अब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या फरहान की फॉर्म के मद्देनजर बाबर की भूमिका में स्थायी बदलाव किया जाना चाहिए।

टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के शीर्ष व्यक्तिगत स्कोरर

टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में वर्तमान में विराट कोहली शीर्ष पर हैं। 2014 में उनके 319 रनों के बाद श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान का नाम आता है, जिन्होंने 2009 में 317 रन बनाए थे। पाकिस्तान के बाबर आजम ने 2021 के संस्करण में 303 रन बनाए थे, जबकि महेला जयवर्धने ने 2010 में 302 रनों का योगदान दिया था। विराट कोहली ने 2022 के वर्ल्ड कप में भी 296 रन बनाकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी। अब साहिबजादा फरहान के पास इन दिग्गजों को पीछे छोड़कर इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब सुपर-8 के मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां फरहान इस मील के पत्थर को छूने का प्रयास करेंगे।

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