आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय क्रिकेट टीम अपना अगला महत्वपूर्ण मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेलने के लिए तैयार है। टूर्नामेंट के इस पड़ाव पर भारतीय टीम के लिए यह मैच सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। टीम इंडिया को अपने पिछले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 76 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद भारत के लिए समीकरण बदल गए हैं और अब उसे सेमीफाइनल में जगह सुरक्षित करने के लिए अपने शेष दोनों मैच जीतने होंगे।
सुपर-8 में भारतीय टीम की स्थिति और समीकरण
अहमदाबाद में 22 फरवरी को खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भारतीय टीम के नेट रन रेट पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। टूर्नामेंट के नियमों और वर्तमान अंक तालिका के अनुसार, भारत को अब न केवल जिम्बाब्वे और उसके बाद होने वाले अगले मैच में जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा। विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मैच का परिणाम भारत के सेमीफाइनल भविष्य को तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। खेल विशेषज्ञों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिम्बाब्वे के खिलाफ यह मुकाबला चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में आयोजित होगा, जहां की परिस्थितियां पिछले कुछ समय में काफी बदली हैं।
चेपॉक की पिच के स्वभाव में आया बड़ा बदलाव
ऐतिहासिक रूप से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच को स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता रहा है। हालांकि, हालिया रिपोर्टों और आईपीएल 2025 के बाद किए गए सुधारों के अनुसार, इस मैदान के स्वभाव में महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। पिच और आउटफील्ड के नवीनीकरण के बाद अब यहां बल्लेबाजों को अधिक सहायता मिल रही है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अब तक इस मैदान पर कुल 6 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से बल्लेबाजों का वर्चस्व दिखाई दिया है। इन मैचों के आंकड़ों के अनुसार, तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के लिए विकेट हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि गेंद बल्ले पर काफी अच्छी तरह से आ रही है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान चेन्नई के आंकड़े
मौजूदा विश्व कप में चेपॉक स्टेडियम में खेले गए मैचों के दौरान पहली पारी का औसत स्कोर 180 से 200 रनों के बीच दर्ज किया गया है। स्टेडियम के अधिकारियों और पिच क्यूरेटरों के अनुसार, पिच को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां बड़े स्कोर वाले मैच देखने को मिलें। पिछले 6 मैचों के रुझान बताते हैं कि टॉस जीतने वाली टीमें पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती हैं ताकि बोर्ड पर 200 से अधिक का स्कोर खड़ा किया जा सके। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मैच के दिन चेन्नई का आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और शाम के समय तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे खिलाड़ियों को उमस से राहत मिल सकती है।
चेन्नई में टीम इंडिया का पिछला रिकॉर्ड
भारतीय टीम का चेन्नई के इस मैदान पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में रिकॉर्ड सकारात्मक रहा है। टीम इंडिया ने अब तक यहां कुल तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें से उसे 2 मैचों में जीत मिली है और 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा है। भारत ने यहां अपना अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साल 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। उस रोमांचक मैच में इंग्लैंड द्वारा दिए गए 165 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 4 गेंद शेष रहते 2 विकेट से जीत हासिल की थी। उस मुकाबले में तिलक वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 72 रनों की पारी खेली थी, जो इस मैदान पर किसी भारतीय द्वारा हालिया समय की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है।
जिम्बाब्वे की चुनौती और मैच की तैयारी
जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर पहले ही अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुकी है। भारतीय टीम के प्रबंधन के अनुसार, जिम्बाब्वे को हल्के में नहीं लिया जा सकता, विशेषकर चेपॉक जैसी पिच पर जहां रन बनाना आसान है। भारतीय बल्लेबाजों को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद अपनी लय वापस पाने की आवश्यकता होगी। चेन्नई की तेज आउटफील्ड और सपाट पिच भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लिए फॉर्म में लौटने का एक अच्छा अवसर प्रदान कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और दर्शकों के प्रबंधन के लिए स्टेडियम में व्यापक इंतजाम किए गए हैं, क्योंकि इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के लिए सभी टिकट पहले ही बिक चुके हैं।