भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। सितंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बन गई है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में मानसून की बारिश का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है।
दिल्ली और एनसीआर में मौसम का हाल
दिल्ली में सितंबर महीने की शुरुआत बारिश के साथ हो रही है। मौसम विभाग ने 4 सितंबर और 5 सितंबर को राजधानी में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आसमान में काले बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तापमान की बात करें तो 4 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया गया है। बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के लिए पूर्वानुमान
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, 4 सितंबर और 5 सितंबर को हरियाणा और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 सितंबर और फिर 6 सितंबर से 8 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहाँ 4 सितंबर और 6 सितंबर से 8 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 4 सितंबर को कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर और 5 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है, जबकि 6 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान यहाँ छिटपुट बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है, जहाँ 4 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान लगातार भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश में मानसून की स्थिति
मैदानी और मध्य भारत के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पंजाब में 4 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4 सितंबर को कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 4 सितंबर से 6 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश की संभावना है। मध्य भारत में, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर से 7 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर से 8 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 4 सितंबर और 5 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में वर्षा का अनुमान
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। बिहार में 4 सितंबर, 5 सितंबर और 9 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 4 सितंबर से 6 सितंबर और 8 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 4 सितंबर से 7 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, और 5 सितंबर तथा 8 सितंबर से 9 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 सितंबर से 8 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर, 5 सितंबर, 8 सितंबर और 9 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 4 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।
पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत में मौसम की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश का दौर जारी है। अरुणाचल प्रदेश में 4 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 4 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में इस दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 4 सितंबर से 9 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।