ईरान की समुद्री सीमा में एलपीजी टैंकर दिशा पर हमला, 28 भारतीय क्रू सुरक्षित

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ईरान की समुद्री सीमा में एलपीजी टैंकर दिशा पर हमला, 28 भारतीय क्रू सुरक्षित
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तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास को यह महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है कि मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर दिशा पर शुक्रवार को ईरान की समुद्री सीमा के भीतर हमला किया गया है। इस जहाज पर कुल 28 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है और वह संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है। दूतावास ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस खबर से नाविकों के परिजनों और संबंधित विभागों ने राहत की सांस ली है।

हमलावरों की पहचान अभी बाकी

एलपीजी टैंकर दिशा पर हुए इस हमले को किसने अंजाम दिया है, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। किसी भी संगठन या देश ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। भारतीय दूतावास स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। दूतावास के अधिकारी नाविकों की स्थिति और टैंकर की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हैं। यह घटना उस समय हुई है जब समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर पहले से ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं और जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है।

जुलाई महीने में पहले भी हुए हमले

क्षेत्र में तनाव का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी जुलाई महीने के मध्य में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। उस हमले के परिणाम काफी दुखद रहे थे, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की जान चली गई थी। उस घटना में 8 अन्य लोग घायल भी हुए थे, जिनमें से 6 भारतीय नागरिक थे। इन घटनाओं ने मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव

पिछले कई दिनों से ईरान के आसमान में अमेरिकी फाइटर जेट्स की सक्रियता देखी जा रही है, जो मिसाइलों के जरिए हमले कर रहे हैं और दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ हुए इस्लामाबाद एमओयू को किनारे रख दिया है और वह खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस आपसी टकराव के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और तेल और गैस के टैंकरों पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन होर्मुज रूट और अन्य समुद्री सीमाओं से गुजरने वाले जहाजों पर हो रहे इन हमलों की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई सामने नहीं आ रहा है।

वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुनिया की कुल खपत का लगभग 22 फीसदी तेल और गैस इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यहां बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखा जा रहा है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो दुनिया पर ईंधन की भारी किल्लत होने का संकट मंडरा सकता है। परिवहन मार्गों पर असुरक्षा के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

भ्रामक खबरों और सच्चाई में अंतर

जुलाई के पहले हफ्ते में, विशेष रूप से 9 जुलाई को, भारत सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक भ्रामक दावे का खंडन किया था। उस समय यह दावा किया गया था कि भारत आ रहे एक एलपीजी टैंकर पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है और पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह से झूठा करार दिया था। पीआईबी ने स्पष्ट किया था कि जो तस्वीरें साझा की जा रही थीं, वे दरअसल पिछले साल यमन के अदन तट के पास कैमरून के झंडे वाले एलपीजी टैंकर एमवी फाल्कन में हुए विस्फोट की थीं। पीआईबी ने नागरिकों को ऐसी गलत सूचनाओं से बचने की सलाह दी थी। हालांकि, 9 जुलाई की वह खबर झूठी थी, लेकिन 24 जुलाई को आई यह खबर पूरी तरह सच है। भारतीय दूतावास नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

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