होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप के पास ईरान के एक कार्गो जहाज पर हुए हमले ने क्षेत्र में तनाव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। इस हिंसक घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई है और चार अन्य लोग घायल हुए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब तेहरान अपने पड़ोसी देशों के साथ होर्मुज में शिपिंग को मैनेज करने की अपनी विवादित योजनाओं पर चर्चा करने की तैयारी कर रहा था। इस हमले के बाद तेहरान का यह प्लान फिलहाल टाल दिया गया है और पिछले हफ्ते लाल सागर में बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर स्थित एक द्वीप पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद से इस पूरे इलाके में शिपिंग के लिए खतरा पहले ही बढ़ गया था, और अब इस ताजा हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
हमले का विवरण और हताहतों की स्थिति
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने केशम के गवर्नर के हवाले से जानकारी दी है कि रविवार को हुए इस हमले के लिए एक आतंकवादी दुश्मन जिम्मेदार है। केशम द्वीप, जो बंदर अब्बास बंदरगाह शहर से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित है, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण को बनाए रखने के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स मॉनिटर ने भी पुष्टि की है कि स्ट्रेट से गुजरते समय एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था। इस हमले के कारण जहाज में भीषण आग लग गई, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों को जहाज पर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस घटना के बाद समुद्र में काफी मात्रा में तेल का रिसाव हो रहा है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का कड़ा रुख
हमले के बाद ईरान की सरकार ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हमारे लोगों को डरा-धमकाकर झुकाया नहीं जा सकता और ईरान किसी भी कीमत पर घुटने नहीं टेकेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान ईरानी झंडे वाले जहाजों पर हमले कर रही है और उसे ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से नए खतरों का सामना करना पड़ रहा है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया और रहस्यमयी चुप्पी
इस हमले पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो ईरानी दावों से अलग है। रविवार को आयरलैंड के डूनबेग में अपने गोल्फ कोर्स पर एक टूर्नामेंट के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान इतनी बुरी तरह से डील करना चाहता है कि वे लगातार फोन कर रहे हैं। हालांकि, जब एक रिपोर्टर ने उनसे सीधे तौर पर पूछा कि क्या अमेरिका ने रविवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के कार्गो जहाज पर हमला किया था, तो ट्रंप ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते और इसके बाद वे वॉशिंगटन लौटने के लिए एयर फोर्स वन में सवार हो गए। अमेरिकी सेना की ओर से भी इस विशिष्ट हमले पर कोई तुरंत आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
ओमान में होने वाली बैठक का टलना
ईरान ने योजना बनाई थी कि क्षेत्र के देशों के विदेश मंत्री सोमवार को ओमान में मिलेंगे ताकि शिपिंग प्रबंधन पर चर्चा की जा सके। ईरान चाहता है कि फारस की खाड़ी में आने वाला ट्रैफिक ईरानी जलक्षेत्र से होकर गुजरे और इसके लिए वह शुल्क लेने में भी दिलचस्पी दिखा रहा है। हालांकि, ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने रविवार देर रात जानकारी दी कि आम सहमति बनाने के लिए इस बैठक को टाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि ओमान ऐसी बातचीत को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है जो क्षेत्र में स्थिरता और लंबे समय तक चलने वाले सहयोग का समर्थन करे। इस बैठक में शामिल होने के लिए केवल इराक ने पुष्टि की थी, जबकि बहरीन ने राजनयिक संबंधों के अभाव में इसमें शामिल होने से मना कर दिया था।
राजनयिक प्रयास और भविष्य की रणनीति
तनाव के बीच भी ईरान अपनी राजनयिक गतिविधियों को जारी रखे हुए है और राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने बताया कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ अधिकारी, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। पेजेश्कियन के अनुसार, उन्होंने चिंता के मुद्दों पर विस्तार से बात की ताकि अतीत की कड़वाहट को पीछे छोड़कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके और यह बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान ने अतीत में अमेरिका के करीबी सहयोगी यूएई पर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर लाइव प्रसारित अपनी टिप्पणियों में पेजेश्कियन ने भविष्य में सहयोग की उम्मीद जताई है।