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Middle East Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यूएस-इजरायल सहित कई देशों के लिए बंद, ईरान की सेना का बड़ा ऐलान

Middle East Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यूएस-इजरायल सहित कई देशों के लिए बंद, ईरान की सेना का बड़ा ऐलान
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ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 27 मार्च को एक आधिकारिक घोषणा करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। ईरानी सेना के अनुसार, यह निर्णय क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है और आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि इस रणनीतिक जलमार्ग से अब उन देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो ईरान के विरुद्ध सैन्य या राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हैं।

यह घटनाक्रम 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद आया है, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। तब से दोनों पक्षों के बीच तनाव निरंतर बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक माना जाता है, और इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

जहाजों को वापस लौटने पर किया मजबूर

आईआरजीसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट 'सेपेह न्यूज' पर जारी बयान में कहा है कि 27 मार्च की सुबह तीन अलग-अलग देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया। सेना के अनुसार, इन जहाजों ने जलमार्ग में प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन आईआरजीसी नेवी की चेतावनी के बाद उन्हें अपना मार्ग बदलना पड़ा। ईरानी अधिकारियों ने इसे अपनी संप्रभुता और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया आवश्यक कदम बताया है।

समुद्री कॉरिडोर के उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध

ईरानी सेना ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के किसी भी जहाज को किसी भी गंतव्य तक पहुंचने के लिए इस क्षेत्र के किसी भी कॉरिडोर का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई जहाज इन आदेशों का उल्लंघन करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। यह प्रतिबंध केवल वाणिज्यिक जहाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सैन्य और रसद सहायता ले जाने वाले जहाज भी शामिल हैं।

चीनी जहाजों की आवाजाही और केप्लर की रिपोर्ट

एनर्जी मार्केट इंटेलिजेंस फर्म केप्लर (Kpler) ने 27 मार्च को अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की है कि चीन की कंपनी COSCO के दो कंटेनर जहाजों ने होर्मुज की खाड़ी से गुजरने का प्रयास किया था, लेकिन उन्हें वापस लौटा दिया गया। केप्लर के विश्लेषकों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से यह किसी बड़े वाणिज्यिक जहाज द्वारा इस मार्ग का उपयोग करने का पहला प्रमुख प्रयास था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो अन्य जहाज पिछले एक महीने से खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जो सुरक्षा कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

अमेरिकी दावों और जमीनी स्थिति में विरोधाभास

यह प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने सद्भावना के तौर पर 10 तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। ट्रंप ने 26 मार्च को संकेत दिया था कि ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत को लेकर गंभीर है। हालांकि, आईआरजीसी के ताजा बयान और जहाजों को वापस लौटाने की कार्रवाई ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को 'झूठ' करार देते हुए अपनी सख्त नीति को जारी रखने की बात कही है।

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