ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष एक नए और अधिक आक्रामक चरण में प्रवेश कर गया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ मिसाइल हमलों की 93वीं लहर शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान युद्ध की तीव्रता में भारी वृद्धि देखी गई है, जिसमें दोनों पक्षों को महत्वपूर्ण सैन्य नुकसान होने की सूचना है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों का दावा है कि इस ताजा हमले में अमेरिका के कई लड़ाकू विमान, अटैक जेट और हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी सैन्य विमानों का नुकसान और लापता पायलट
ईरान द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयानों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के कई महत्वपूर्ण संसाधनों को भारी क्षति पहुंची है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ने दो अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराया है। इस घटना में एक सैन्यकर्मी को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि कम से कम एक अन्य पायलट अभी भी लापता बताया जा रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि संघर्ष शुरू होने के पांच सप्ताह बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह के सीधे हमले में गिराया गया है और लापता पायलट की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, हालांकि सैन्य स्थिति की संवेदनशीलता के कारण अधिक विवरण साझा नहीं किए गए हैं।
फारस की खाड़ी में ए-10 हमलावर विमान की दुर्घटना
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा एक अमेरिकी ए-10 हमलावर विमान (A-10 Thunderbolt II) ईरानी डिफेंस फोर्स की कार्रवाई के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर इस घटना की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि विमान को सीधे तौर पर मार गिराया गया था या वह किसी तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ। ए-10 विमान अपनी जमीनी हमले की क्षमताओं के लिए जाना जाता है और इस क्षेत्र में इसकी मौजूदगी अमेरिकी सैन्य रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। विमान के गिरने के सटीक स्थान और पायलट की वर्तमान स्थिति के बारे में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
बेरूत पर इजरायली वायुसेना के ताबड़तोड़ हमले
ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बेरूत के विभिन्न हिस्सों में कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं और इजरायली वायुसेना ने मुख्य रूप से उन क्षेत्रों को निशाना बनाया है जिन्हें वे ईरान समर्थित समूहों के रणनीतिक ठिकाने मानते हैं। इन हमलों के कारण शहर के बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है और स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप का बयान और कूटनीतिक रुख
इस गंभीर सैन्य स्थिति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है और सैन्य अभियान अपनी पूरी गति से जारी रहेगा। एक हालिया साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी विमानों के गिरने की घटना का ईरान के साथ किसी भी संभावित वार्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस स्थिति को 'पूर्ण युद्ध' करार देते हुए कहा कि खोज और बचाव प्रयासों पर चर्चा करना फिलहाल संभव नहीं है। राष्ट्रपति के अनुसार, अमेरिका अपनी सैन्य रणनीति पर अडिग है और वह क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों का विस्तार
पांच सप्ताह से जारी यह युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कम होती दिख रही हैं। ईरान की ओर से मिसाइल हमलों की 93वीं लहर इस बात का संकेत है कि वह अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं को कम करने के मूड में नहीं है। दूसरी ओर, इजरायल और अमेरिका ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों को और अधिक व्यापक बना दिया है। फारस की खाड़ी से लेकर लेबनान की सीमाओं तक, सैन्य हलचल अपने चरम पर है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, विमान वाहक पोतों और उन्नत लड़ाकू विमानों की इस संघर्ष में भागीदारी ने इसे हाल के दशकों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संकट बना दिया है। आने वाले घंटों में सैन्य अभियानों के और अधिक विस्तार की संभावना जताई जा रही है।