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ईरान का इजराइल पर मिसाइल हमला: अराद और डिमोना में 100 घायल

ईरान का इजराइल पर मिसाइल हमला: अराद और डिमोना में 100 घायल
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ईरान द्वारा इजराइल के दक्षिणी शहरों अराद और डिमोना पर किए गए मिसाइल हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे व्यापक तबाही हुई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को युद्ध अपराध करार देते हुए तेहरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि घायलों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। यह हमला मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

अराद और डिमोना में नागरिक हताहत और तबाही

इजराइली विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी शासन ने जानबूझकर नागरिक आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया है। मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अराद और डिमोना में मिसाइल गिरने से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। स्थानीय अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है जहाँ 100 से अधिक घायलों का उपचार चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंत्रालय ने इस हमले को आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसकी निंदा करने की अपील की है।

150 परिवारों का विस्थापन और राहत कार्य

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी इजराइल के अराद शहर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अराद के मेयर यायर मायान ने पुष्टि की है कि मिसाइल हमलों के बाद प्रभावित इलाकों से लगभग 150 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने विस्थापित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था की है। मेयर ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है, जिसे बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि किसी भी अनफटे आयुध की जाँच की जा सके।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू और सरकार की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अराद के मेयर यायर मायान से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। नेतन्याहू ने घायलों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि यह इजराइल के लिए एक कठिन शाम है। उन्होंने अपने कार्यालय के महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे सभी सरकारी मंत्रालयों के साथ समन्वय स्थापित करें और प्रभावित क्षेत्रों को हर संभव सहायता प्रदान करें। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इजराइल अपने दुश्मनों पर प्रहार जारी रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने नागरिकों से होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

विपक्ष और पूर्व प्रधानमंत्रियों का एकजुट रुख

इस संकट की घड़ी में इजराइल के राजनीतिक नेतृत्व ने एकजुटता दिखाई है। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पूरा देश अराद और डिमोना के निवासियों के साथ खड़ा है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान विपक्षी नेता यायर लैपिड ने इसे एक बड़ी आपदा बताया। लैपिड ने कहा कि सुरक्षा और बचाव बल जीवन बचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं और इस समय राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बचाव दलों के प्रयासों की सराहना की जो मलबे के बीच से लोगों को निकालने में जुटे हैं।

डिमोना परमाणु केंद्र की सुरक्षा और सामरिक महत्व

ईरानी मिसाइलों का निशाना डिमोना शहर भी रहा, जो इजराइल के परमाणु अनुसंधान केंद्र का मुख्य स्थल है। हालांकि, परमाणु सुविधा को हुए किसी भी प्रत्यक्ष नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस क्षेत्र में हमला होना सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, डिमोना को निशाना बनाना ईरान की ओर से एक बड़ा रणनीतिक संकेत है और इजराइली रक्षा बल (IDF) ने क्षेत्र में अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को और अधिक सक्रिय कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात का विश्लेषण कर रही हैं कि मिसाइलें किस मार्ग से आईं और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त उपाय किए जा सकते हैं।

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