ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े नए शिपिंग रूट पर होने वाली महत्वपूर्ण बैठक रविवार को टाल दी गई है। यह फैसला केशम द्वीप के पास एक ईरानी कार्गो शिप पर हुए हमले के बाद लिया गया है। इस बैठक का उद्देश्य ईरान और ओमान के बीच तय हुए नए समुद्री मार्ग पर चर्चा करना था, जिसमें खाड़ी के अन्य देशों को भी शामिल होना था। फिलहाल इस बैठक की कोई नई तारीख तय नहीं की गई है और ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि कुछ क्षेत्रीय देशों के विशेष अनुरोध पर तेहरान और मस्कट ने आपसी सहमति से इस बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया है। अब ईरान और ओमान मिलकर बातचीत करेंगे और भविष्य के लिए नई तारीख का निर्धारण करेंगे।
ईरानी मालवाहक जहाज पर हमला और हताहत
रविवार की सुबह होर्मुज के पास एक ईरानी कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में 1 व्यक्ति की दुखद मृत्यु हो गई है और चालक दल के 4 सदस्य घायल हुए हैं। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संस्था UKMTO ने भी इस क्षेत्र में एक घटना की पुष्टि की है और uKMTO के मुताबिक, होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या गोला) से हमला किया गया था, जिसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई। स्थिति को देखते हुए क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि UKMTO ने जिस घटना का विवरण दिया है, वह वही घटना है जिसका जिक्र ईरानी मीडिया कर रहा है, लेकिन दोनों घटनाओं का समय और स्थान एक ही ओर इशारा कर रहे हैं।
नए शिपिंग रूट का प्रस्तावित ढांचा
ईरान और ओमान ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए एक नए शिपिंग रूट पर सहमति व्यक्त की थी और तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत अंदर आने वाला रास्ता पूरी तरह से ईरान के जलक्षेत्र से होकर गुजरना तय हुआ था। वहीं, बाहर जाने वाला रास्ता ईरान और ओमान दोनों के जलक्षेत्र का उपयोग करेगा। इस तकनीकी योजना की विस्तृत जानकारी अन्य खाड़ी देशों को इसी बैठक में दी जानी थी और हालांकि, इस समझौते का यह अर्थ कतई नहीं है कि होर्मुज का रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खुल गया है। ईरान ने इस स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए 7 कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनके पूरा होने का वह इंतजार कर रहा है।
ईरान की शर्तें और क्षेत्रीय देशों की चिंताएं
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों का संचालन अब ओमान के साथ हुए समझौते के आधार पर ही किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाज ईरानी जलक्षेत्र का उपयोग करेंगे और बाहर निकलने वाले जहाज ईरान व ओमान दोनों के क्षेत्रों से गुजरेंगे। ईरान इस रास्ते का उपयोग करने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस यानी रास्ता इस्तेमाल करने का शुल्क लेने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका ईरान की मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करता, तब तक ईरान होर्मुज को नहीं खोलेगा। वर्तमान में इस मार्ग से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही काफी कम बनी हुई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए इराक ने अपनी पुष्टि दे दी थी, लेकिन बहरीन ने ईरान के साथ राजनयिक संबंध न होने के कारण इसमें आने से मना कर दिया। सऊदी अरब भी इस ईरान-ओमान समझौते में कुछ बदलावों की मांग कर रहा है। रियाद को इस बात की चिंता है कि इस द्विपक्षीय समझौते का होर्मुज और GCC देशों पर लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और युद्ध की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए काफी उत्सुक है और उसके अधिकारी लगातार फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ चल रहा यह तनाव और युद्ध इसी साल समाप्त हो जाएगा। जब ट्रंप से यह सीधा सवाल पूछा गया कि क्या ईरानी जहाज पर हुए हमले के पीछे अमेरिका का हाथ है, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा कि वह इस बारे में कुछ भी कहना नहीं चाहते हैं। इस बयान के बाद क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल और बढ़ गई है।