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: ईरान के राष्ट्रपति की अमेरिका को चेतावनी: बातचीत का मतलब सरेंडर नहीं, अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि

- ईरान के राष्ट्रपति की अमेरिका को चेतावनी: बातचीत का मतलब सरेंडर नहीं, अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बातचीत करना किसी भी तरह से कमजोरी या सरेंडर (आत्मसमर्पण) नहीं होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपने लोगों के अधिकारों और देश के हितों की रक्षा पूरी मजबूती के साथ करेगा। राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी युद्ध में हुए नुकसान की समीक्षा और पुनर्निर्माण के संबंध में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान की।

मसूद पेजेश्कियन का कड़ा रुख और राष्ट्रीय हित

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि बातचीत का प्राथमिक मकसद ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा करना और देश के हितों को हर हाल में सुरक्षित रखना है और उन्होंने यह संदेश दिया कि कूटनीतिक रास्तों का चुनाव करने का अर्थ यह कतई नहीं है कि ईरान अपने रुख में किसी भी प्रकार की नरमी ला रहा है या दबाव में झुक रहा है।

मुज्तबा खामेनेई की सैन्य कमान के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात

इसी घटनाक्रम के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खतम अल-अनबिया संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख अली अब्दोल्लाही ने मुज्तबा खामेनेई से मुलाकात की है और यह मुलाकात राजनीतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उनके पिता की मृत्यु और उन पर हुए हमले में घायल होने की खबरों के बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, अली अब्दोल्लाही ने इस बैठक के दौरान सुप्रीम लीडर को सेना की वर्तमान तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। इस ब्रीफिंग में ईरानी सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC), पुलिस, सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल, रक्षा मंत्रालय और बसीज फोर्स की परिचालन स्थिति शामिल थी। सरकारी मीडिया के अनुसार, मोज्तबा खामेनेई ने सेना की तत्परता की सराहना की और दुश्मनों का मजबूती से सामना करने के लिए नए रणनीतिक निर्देश जारी किए।

पाकिस्तान और कतर की शांति बहाली की कूटनीतिक कोशिशें

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान और कतर भी सक्रिय हो गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन अल-थानी के बीच टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत हुई। पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात और शांति प्रयासों पर चर्चा की। शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान की शांति पहल में सहयोग देने के लिए कतर का आभार व्यक्त किया।

उधर कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से भी मुलाकात की। इस बैठक में ईरान युद्ध, पाकिस्तान की मध्यस्थता और क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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