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ईरान ने किया अपनी इनकम का तगड़ा इंतजाम, होर्मुज टोल से इतनी होगी उसकी कमाई?

ईरान ने किया अपनी इनकम का तगड़ा इंतजाम, होर्मुज टोल से इतनी होगी उसकी कमाई?
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मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान अपनी राष्ट्रीय आय को बढ़ाने के लिए एक अभूतपूर्व रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। आधिकारिक रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, ईरान सरकार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर ट्रांजिट टोल या टोल टैक्स वसूलने की योजना पर विचार कर रही है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।

टोल टैक्स का प्रस्तावित ढांचा और संभावित आय

ईटी की रिपोर्ट और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईरान इस जलमार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक बैरल तेल पर लगभग $1 का ट्रांजिट चार्ज लगाने का प्रस्ताव कर सकता है। यदि यह योजना पूर्ण रूप से लागू होती है, तो ईरान को सालाना $70 बिलियन से $80 बिलियन के बीच राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। 4 लाख करोड़ के बीच बैठती है। यह प्रस्तावित आय ईरान की पारंपरिक तेल निर्यात से होने वाली कमाई के लिए एक बड़ा पूरक साबित हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी प्रतिबंधों के बीच स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

ईरान की वर्तमान तेल निर्यात आय के साथ तुलना

ईरान के आर्थिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि यह प्रस्तावित टोल राजस्व उसके वर्तमान निर्यात आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकता है। 7 बिलियन तक पहुंच गई है। 6 मिलियन बैरल तेल का निर्यात कर रहा है। 2026 तक के अनुमानों के अनुसार, देश की दैनिक तेल आय बढ़कर लगभग $139 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में $80 बिलियन का वार्षिक टोल राजस्व ईरान के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकता है, जो उसकी कुल वार्षिक तेल आय को लगभग दोगुना कर सकता है।

वैश्विक शिपिंग और समुद्री यातायात पर प्रभाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और संभावित टोल वसूली की खबरों ने वैश्विक शिपिंग उद्योग में चिंता पैदा कर दी है और हालिया तनाव के दौरान, लगभग 187 तेल टैंकर इस मार्ग में फंस गए थे, जिनमें कुल 172 मिलियन बैरल तेल लदा हुआ था। खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की भारी भीड़ देखी गई है, जहां 1000 से अधिक जहाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। समुद्री विशेषज्ञों के अनुसार, इस भीड़ को सामान्य करने में कम से कम दो हफ्ते का समय लग सकता है। यदि टोल टैक्स लागू होता है, तो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपनी परिचालन लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ने की संभावना है।

भू-राजनीतिक तनाव और अस्थायी युद्धविराम की स्थिति

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। सुरक्षा कारणों से ईरान ने हाल ही में कुछ समय के लिए इस जलमार्ग को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई थी। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की पहल के बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है और ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश भविष्य में सहयोग कर सकते हैं। वर्तमान में, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान इस टोल योजना को कब और किस रूप में लागू करता है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा बाजार के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

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