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इजरायल का तेहरान पर हमला: मिसाइल केंद्र और कमांड सेंटर तबाह

इजरायल का तेहरान पर हमला: मिसाइल केंद्र और कमांड सेंटर तबाह
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इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष एक नए और अधिक आक्रामक चरण में प्रवेश कर गया है। इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान के भीतर स्थित कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता और उसके सैन्य नेतृत्व के संचार तंत्र को पंगु बनाना था। इजरायली सेना ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन के दौरान तेहरान के हृदय स्थल में स्थित दर्जनों मिसाइल भंडारण केंद्रों और अस्थायी कमांड सेंटरों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है। यह हमला पिछले एक महीने से चल रहे तनाव के बीच सबसे बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है।

तेहरान में सैन्य बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले

इजरायली वायुसेना ने तेहरान के विभिन्न हिस्सों में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए उन्नत लड़ाकू विमानों और सटीक-निर्देशित हथियारों का उपयोग किया। आईडीएफ के आधिकारिक बयान के अनुसार, इन हमलों में उन केंद्रों को विशेष रूप से लक्षित किया गया जहां बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडारण और निर्माण किया जा रहा था। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि हमले की इस लहर में ईरान के आतंकवादी शासन के बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची है। नष्ट किए गए ठिकानों में न केवल हथियार डिपो शामिल हैं, बल्कि वे उत्पादन स्थल भी हैं जहां लंबी दूरी की मिसाइलों के पुर्जे तैयार किए जाते थे। इजरायली सेना ने इन हमलों के वीडियो साक्ष्य भी साझा किए हैं, जिनमें सैन्य परिसरों से धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है।

कमांड सेंटर और नेतृत्व तंत्र को निशाना बनाना

सैन्य अभियान के दौरान इजरायल ने ईरान के कई अस्थायी कमांड सेंटरों को भी ध्वस्त करने का दावा किया है। आईडीएफ के अनुसार, ये केंद्र ईरानी सैन्य कमांडरों द्वारा अभियानों के समन्वय के लिए उपयोग किए जा रहे थे। रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले के समय इन मुख्यालयों के भीतर कई वरिष्ठ कमांडर और तकनीकी कर्मचारी मौजूद थे। इजरायली खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इन हमलों का उद्देश्य ईरान की निर्णय लेने वाली श्रृंखला को बाधित करना था। इसके अतिरिक्त, ईरानी शासन के अवलोकन चौकियों और संचार केंद्रों को भी निशाना बनाया गया, जिससे उनकी निगरानी क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इजरायली अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा हाल ही में किए गए उकसावे के जवाब में की गई है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई और इजरायली शहरों पर हमला

इजरायली हमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी अपनी सैन्य प्रतिक्रिया तेज कर दी है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के अनुसार, ईरान ने इजरायल के प्रमुख शहरों और रणनीतिक केंद्रों की ओर मिसाइलों की बौछार की। ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का मुख्य लक्ष्य तेल अवीव और डिमोना में स्थित इजरायल का परमाणु अनुसंधान केंद्र था। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने इजरायल के हवाई रक्षा तंत्र को भेदने का प्रयास किया है। हालांकि, इजरायली रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश खतरों को हवा में ही विफल करने का दावा किया है। ईरानी मीडिया ने यह भी आरोप लगाया है कि इजरायली बमबारी ने तेहरान के कुछ रिहायशी इलाकों को भी प्रभावित किया है, जिससे नागरिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

एयर डिफेंस सिस्टम और रडार नेटवर्क की तबाही

इजरायली हमले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान के हवाई रक्षा तंत्र को निष्क्रिय करना था। आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान के आसपास तैनात कई उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और रडार स्टेशनों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। इन प्रणालियों के नष्ट होने से ईरान की हवाई सीमा अब इजरायली विमानों के लिए अधिक सुलभ हो गई है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, रडार नेटवर्क और मिसाइल इंटरसेप्टर बैटरियों पर हमले का उद्देश्य भविष्य में होने वाले किसी भी संभावित ईरानी जवाबी हमले की क्षमता को कम करना है। इजरायली सेना ने कहा कि उन्होंने ईरान के उन अवलोकन केंद्रों को भी निशाना बनाया है जो क्षेत्रीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उपयोग किए जाते थे।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य स्थिति का विवरण

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