लेबनान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर से बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिणी लेबनान के विभिन्न हिस्सों में इजरायली सेना द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई है। लेबनान की सरकारी मीडिया और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह हिंसा उस समय हो रही है जब दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम लागू है। इन हमलों ने क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशों को गहरा झटका दिया है और हालात एक बार फिर से युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
कफर दूनिन और नबातियेह में भारी तबाही
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात इजरायली लड़ाकू विमानों ने कफर दूनिन इलाके को निशाना बनाया। यहाँ एक रिहायशी घर पर हुए भीषण हवाई हमले में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके ठीक अगले दिन यानी मंगलवार को नबातियेह इलाके में एक और हमला हुआ, जिसने मानवीय सहायता कार्यों को प्रभावित किया। इस हमले में लेबनान सिविल डिफेंस के दो पैरामेडिक्स की मौत हो गई। मारे गए इन राहतकर्मियों की पहचान हुसैन जाबेर और अहमद नूरा के रूप में की गई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ये पैरामेडिक्स उस समय हमले की चपेट में आए जब वे पहले से हुए एक हमले के घायलों की मदद करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे।
स्वास्थ्य सेवाओं और राहतकर्मियों पर हमलों का आरोप
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली सेना पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्रालय का कहना है कि इजरायली सेना जानबूझकर राहतकर्मियों और एम्बुलेंस सेवाओं को निशाना बना रही है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है। आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 108 स्वास्थ्यकर्मी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि इजरायली हमलों में अब तक 140 से अधिक बार एम्बुलेंस और स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया गया है। हालांकि, इजरायली सेना ने इन आरोपों पर कहा है कि वह इन विशिष्ट घटनाओं की जांच कर रही है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने भी इन हमलों पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि ऐसी कार्रवाइयां शांति प्रयासों को कमजोर करती हैं।
ड्रोन हमले और हिज्बुल्लाह की जवाबी कार्रवाई
मंगलवार को ही तैयर देब्बा इलाके में एक इजरायली ड्रोन ने एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाया। इस हमले में एक सीरियाई नागरिक की मौत हो गई और उसकी पत्नी घायल हो गई। इजरायली सेना ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसे संदिग्ध व्यक्ति को निशाना बनाया जिसने इजरायली विमान पर मिसाइल दागने का प्रयास किया था। इसके अलावा, जबशीत इलाके में हुए एक अन्य हमले में तीन और लोगों की मौत की खबर है। दूसरी तरफ, हिज्बुल्लाह ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। संगठन ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान के नकूरा, बायादा और हौला इलाकों में इजरायली सैनिकों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के किबुत्ज मनारा क्षेत्र में भी एक इजरायली सैनिक पर हमला करने का दावा किया, हालांकि इजरायल ने इन हमलों में किसी भी तरह के जानी नुकसान से इनकार किया है।
युद्धविराम का उल्लंघन और हताहतों के आंकड़े
इजरायल का आरोप है कि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह संगठन अप्रैल में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते का लगातार उल्लंघन कर रहा है। इसी के जवाब में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। यह संघर्ष विशेष रूप से 2 मार्च के बाद और अधिक उग्र हो गया, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। उस घटना के बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेटों की बौछार कर दी थी, जिसके जवाब में इजरायल ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे संघर्ष में अब तक 2,869 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 380 लोग युद्धविराम लागू होने के बाद मारे गए हैं। वहीं, इजरायल ने जानकारी दी है कि इस अवधि के दौरान उसके 18 सैनिक और चार नागरिक मारे गए हैं। दोनों देशों के अधिकारी अब गुरुवार को वॉशिंगटन में बैठक करने वाले हैं ताकि संघर्ष को समाप्त करने की संभावनाओं पर चर्चा की जा सके।