जयपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपनी पत्नी और तीन बेटियों की नृशंस हत्या करने वाले आरोपी राहुल झा को गिरफ्तार कर लिया है। 45 वर्षीय आरोपी को सीकर जिले से पकड़ा गया है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। करधनी थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी का पीछा किया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 25000 रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा सके।
हत्याकांड का खुलासा और मौके का मंजर
इस भयानक घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो घर के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। घर के अलग-अलग कमरों में चार शव खून से लथपथ हालत में पड़े थे। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय गीता झा और उनकी तीन बेटियों के रूप में हुई। बड़ी बेटी नंदिनी की उम्र 22 वर्ष थी, जबकि मंझली बेटी राधिका 17 वर्ष की थी और सबसे छोटी बेटी गिरीश उर्फ गौरी की उम्र मात्र 14 वर्ष थी। गीता का शव घर की पहली मंजिल पर स्थित एक कमरे में मिला था, वहीं तीनों बेटियों के शव जमीन की मंजिल यानी ग्राउंड फ्लोर के दो अलग-अलग कमरों में पाए गए थे। पुलिस को मौके से राहुल के खून से सने कपड़े भी मिले, जिन्हें उसने हत्या के बाद बदल दिया था और उसका मोबाइल फोन भी घर पर ही स्विच ऑफ हालत में मिला।
कर्ज का दबाव और हत्या की खौफनाक साजिश
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी राहुल झा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और इसी तनाव के कारण उसने अपने पूरे परिवार को खत्म करने का फैसला किया। पुलिस को अंदेशा है कि राहुल ने सबसे पहले अपनी पत्नी और बेटियों के खाने में जहर मिलाया था ताकि वे बेहोश हो जाएं। वारदात वाले दिन वह सुबह जल्दी उठा और अपनी पत्नी व बेटियों को देखा। उसे डर था कि जहर देने के बावजूद शायद वे बच सकती हैं। इसी शक के चलते उसने घर के बाहर रखा लगभग 10 किलो वजन का और डेढ़ फीट आकार का सीमेंट का एक स्लैब उठाया। इसके बाद उसने बेहोशी की हालत में ही अपनी पत्नी और तीनों बेटियों के सिर और चेहरे पर उस भारी स्लैब से कई बार वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद की गतिविधियां और आरोपी का फरार होना
हैरान करने वाली बात यह है कि चार लोगों की हत्या करने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। सुबह करीब 7 बजे जब दूध वाला आया, तो राहुल ने उससे दूध लिया और अपने 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई। चाय पिलाने के बाद उसने अपने पिता से कहा कि वह किसी काम से बाहर जा रहा है और फिर वहां से भाग निकला। उसने अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। जयपुर से भागकर वह सीधे सीकर जिले के खाटूश्याम जी पहुंचा। वहां उसने मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और फिर एक होटल में रुक गया।
होटल में अंगूठी बेचने की कोशिश और रींगस से गिरफ्तारी
खाटूश्याम जी के होटल में रुकने के दौरान राहुल के पास पैसे खत्म हो गए और पैसे की तंगी होने पर उसने अपनी एक अंगूठी होटल वाले को बेचने की कोशिश की, लेकिन होटल संचालक ने अंगूठी लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद राहुल होटल छोड़कर रींगस की तरफ निकल गया। इसी बीच जयपुर की सीएसटी टीम को आरोपी के रींगस में होने की सटीक सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और रींगस में मुंह पर रुमाल बांधकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे राहुल झा को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे जयपुर लाया गया है और पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही और भी बड़े खुलासे किए जाएंगे।