जयपुर में जमीन खरीदना होगा महंगा, डीएलसी दरों में 49 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी

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जयपुर में जमीन खरीदना होगा महंगा, डीएलसी दरों में 49 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में अब जमीन खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है और जिला प्रशासन ने शहर में जमीन की कीमतों में 49 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह फैसला जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला दर निर्धारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने की, जिसमें शहर की डीएलसी दरों को संशोधित करने और उन्हें वर्तमान बाजार स्थितियों के अनुरूप बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन का यह कदम शहर के रियल एस्टेट बाजार में बड़े बदलाव लाने वाला साबित होगा।

डीएलसी दरों में 10 से 49 प्रतिशत की वृद्धि

बैठक के दौरान समिति ने डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत से लेकर 49 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल अप्रैल के महीने में भी डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। प्रशासन का मानना है कि जिन क्षेत्रों में विकास की गति तेज है और जहां जमीनों के बाजार मूल्य में अप्रत्याशित उछाल आया है, वहां दरों को बढ़ाना आवश्यक हो गया है। हालांकि, बैठक में केवल बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसे इलाकों के लिए भी प्रस्ताव रखे गए हैं जहां बाजार की स्थिति को देखते हुए डीएलसी दरों में कमी की जा सकती है।

क्या होती है डीएलसी रेट और इसका महत्व

किसी भी जमीन की वह न्यूनतम कीमत जो सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है, उसे डीएलसी रेट कहा जाता है। यह दर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तय की जाती है। इसी डीएलसी दर के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री और भूमि का आवंटन किया जाता है। जब भी कोई नगर निकाय आरक्षित दर पर जमीन का आवंटन करता है, तो उसमें विकास शुल्क को भी इसी आधार पर शामिल किया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो डीएलसी रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि अब आपको जमीन की रजिस्ट्री के लिए सरकारी खजाने में अधिक स्टांप ड्यूटी और फीस जमा करनी होगी।

7 दिन के भीतर लागू होंगे नए नियम

बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, जिन क्षेत्रों में डीएलसी दरों में बढ़ोतरी 50 प्रतिशत से कम है, उन प्रस्तावों को अगले 7 दिन के भीतर ही प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि, जिन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है, उन मामलों को अंतिम निर्णय के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। इसी तरह, जिन इलाकों में दरों को घटाने का प्रस्ताव दिया गया है, उन पर भी अंतिम मुहर राज्य सरकार ही लगाएगी।

संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर पड़ेगा सीधा असर

नई डीएलसी दरों के लागू होने से जयपुर के रियल एस्टेट सेक्टर पर व्यापक असर पड़ेगा। जमीन की कीमतों में इस बढ़ोतरी से न केवल नए खरीदारों के लिए संपत्ति महंगी होगी, बल्कि निवेश के उद्देश्य से जमीन खरीदने वालों को भी अब अधिक पूंजी लगानी होगी। जानकारों का मानना है कि 7 दिन की समय सीमा होने के कारण आने वाले एक सप्ताह में रजिस्ट्री कार्यालयों में भारी भीड़ देखने को मिल सकती है, क्योंकि लोग पुरानी दरों पर ही अपनी संपत्तियों का पंजीकरण कराना चाहेंगे। इस फैसले से सरकार के राजस्व में तो बढ़ोतरी होगी, लेकिन आम जनता के लिए घर या जमीन का सपना थोड़ा और महंगा हो जाएगा।

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