राजस्थान कृषि विभाग के तीन अधिकारी निलंबित, कांग्रेस ने किरोड़ी लाल मीणा को याद दिलाया पद छोड़ने का वादा

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राजस्थान कृषि विभाग के तीन अधिकारी निलंबित, कांग्रेस ने किरोड़ी लाल मीणा को याद दिलाया पद छोड़ने का वादा
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राजस्थान के कृषि विभाग में भ्रष्टाचार और कार्य के प्रति लापरवाही के गंभीर आरोपों के बाद एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों के निलंबन का आदेश कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल द्वारा जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच लंबित है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में संदीप कुमार, रजनीश कुमार और विशाल कुमार के नाम शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद राजस्थान की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर तीखा हमला बोला है और उन्हें उनके पुराने वादे की याद दिलाई है।

निलंबन के पीछे के मुख्य कारण

कृषि विभाग के इन तीन अधिकारियों के खिलाफ राजस्थान सरकार के कृषि आयुक्तालय ने कड़ी कार्रवाई की है। इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने, अनैतिक कार्यों में शामिल रहने, आम जनता के साथ अभद्र व्यवहार करने और राजकीय कार्यों में घोर लापरवाही यानी अकर्मण्यता बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं और विभाग ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इन्हें तुरंत निलंबित करने का निर्णय लिया है।

जिन अधिकारियों पर यह गाज गिरी है, उनके पद और तैनाती का विवरण इस प्रकार है:

  • संदीप कुमार: कृषि पर्यवेक्षक, मुख्यालय भारेवाला (कार्यालय जिला विस्तार अधिकारी, सी.ए.डी. आई.जी.एन.पी., बीकमपुर)।
  • रजनीश कुमार: वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, मुख्यालय राववाला (कार्यालय जिला विस्तार अधिकारी, सी.ए.डी. आई.जी.एन.पी., बज्जू)।
  • विशाल कुमार: सहायक कृषि अधिकारी, मु० बगीचा (कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), रायसिंहनगर)।

निलंबन की अवधि के दौरान इन तीनों अधिकारियों के मुख्यालयों में बदलाव किया गया है। अब इन तीनों को जयपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और आदेश के अनुसार, निलंबन काल में ये अधिकारी बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है ताकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों की गहराई से पड़ताल की जा सके।

कांग्रेस का कृषि मंत्री पर तीखा प्रहार

इन अधिकारियों के निलंबन का आदेश सार्वजनिक होते ही राजस्थान कांग्रेस ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए मंत्री को उनके 6 जून के उस दावे की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। कांग्रेस का आरोप है कि संदीप और रजनीश वही लोग हैं जिनका बचाव कृषि मंत्री ने पहले सार्वजनिक रूप से किया था।

पार्टी ने अपने बयान में दावा किया कि सीकर में ये दोनों अधिकारी कृषि मंत्री के ओएसडी (OSD) बनकर अवैध उगाही के कार्यों में लगे हुए थे। उस समय जब इन पर सवाल उठे थे, तब मंत्री ने इनका बचाव किया था और भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। कांग्रेस ने अब सवाल उठाया है कि जब विभाग ने खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में इन्हें निलंबित कर दिया है, तो क्या मंत्री अब अपना वादा निभाते हुए पद छोड़ेंगे।

निष्पक्ष जांच और कॉल डिटेल खंगालने की मांग

राजस्थान कांग्रेस ने कृषि विभाग में कथित खाद-बीज रिश्वतकांड को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि कृषि मंत्री की तथाकथित डिकॉय टीम से जुड़े जुगल किशोर को पहले ही करोड़ों रुपये की भारी राशि के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि केंद्रीय गृह मंत्री से कृषि मंत्री की मुलाकात के बाद संदीप और रजनीश के निलंबन का आदेश आना क्या संकेत देता है।

विपक्ष ने अब मांग की है कि कृषि विभाग की पूरी डिकॉय टीम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसमें शामिल लोगों के कॉल डिटेल, उनके आर्थिक लेन-देन और कथित छापेमारी के दौरान की गई उगाही की गहन जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि भ्रष्टाचार का यह खेल केवल कुछ अधिकारियों तक सीमित था या इसके तार कहीं और भी जुड़े हुए हैं। पार्टी ने जोर देकर कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार को इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

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