उधमपुर के रामनगर में भीषण सड़क दुर्घटना
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक अत्यंत दुखद और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ के खगोट क्षेत्र में एक सार्वजनिक परिवहन बस अनियंत्रित होकर अचानक पलट गई। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 17 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि 31 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे की भयावहता को देखते हुए मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्यों का विवरण
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तुरंत हरकत में आ गए। मौके पर राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा कई एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गई हैं, जिनके माध्यम से घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों और बचाव दलों की टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने और सहायता प्रदान करने में जुटी हुई हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया और निर्देश
इस भीषण हादसे पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने उधमपुर के जिला उपायुक्त (DC) मिंगा शेरपा से बात कर स्थिति का जायजा लिया है। डॉ. सिंह ने बताया कि बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी और गांव कनोत (Kanote) के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और सभी संभावित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
घायलों के लिए चिकित्सा व्यवस्था और एयरलिफ्ट की योजना
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आवश्यकतानुसार एयरलिफ्ट करने (विमान से भेजने) की विशेष व्यवस्था भी की जा रही है। मंत्री ने बताया कि वह स्थानीय प्रशासन और राजिंदर शर्मा के नेतृत्व वाली स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे।
यातायात पर प्रभाव और स्थानीय स्थिति
हादसे के कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के इलाकों में ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी और शोक का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने बार-बार होने वाले ऐसे बस हादसों पर चिंता जताई है और प्रशासन से सड़कों की स्थिति में सुधार तथा बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।