दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन का आज 33वां दिन है। मंगलवार को लगातार तीसरी रात भी जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी डटे रहे। इन प्रदर्शनकारियों में वे लोग भी शामिल थे जो 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठियों और आंसू गैस के गोलों का शिकार हुए थे। प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे अपनी मांगों को लेकर अडिग नजर आ रहे हैं।
हिरासत में लिए गए समर्थकों की रिहाई और पुलिस मुख्यालय पर धरना समाप्त
कॉकरोच जनता पार्टी ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी समर्थकों को अब रिहा कर दिया गया है। इस रिहाई के बाद, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना भी समाप्त करने का ऐलान किया गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि अब वे बातचीत के लिए सरकार के पास नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को कोई चर्चा करनी है, तो उसे स्वयं जंतर-मंतर पर आना होगा।
हाउस अरेस्ट के आरोप और सरकार के साथ वार्ता का विवरण
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मंगलवार रात गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 20 जुलाई को जब सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया, तो उन्हें 4 घंटे तक बैठाकर रखा गया। आशुतोष के अनुसार, उन्हें और सौरव दास को 2 घंटे तक फोन का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया और बाहर जाने से भी रोका गया। उन्होंने इस स्थिति की तुलना हाउस अरेस्ट से की। उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान सरकार ने पहली बार सीजेपी से बात की थी, जिसमें जेपी नड्डा ने सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की थी। इस 10 मिनट की मुलाकात में पार्टी ने तीन मुख्य मांगें रखी थीं: सोनम वांगचुक की अस्पताल से रिहाई, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले नीट छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
घायलों की स्थिति और चिकित्सा अपडेट
प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आइसा कार्यकर्ता दानिश ने बताया कि मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले इरशाद, जो दिल्ली में कार्यरत हैं, पैलेट इंजरी का शिकार हुए हैं और उनकी आंख को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, झारखंड की रहने वाली 21 साल की आदिवासी छात्रा साक्षी, जो अपने माता-पिता के साथ उत्तम नगर में रहती है, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। वह संसद मार्च के दौरान घायल हुई थी। दूसरी ओर, 28 जून से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में स्थानांतरित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात मेदांता में उनसे मुलाकात की।
सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग
दिल्ली में संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर कड़ा कर दिया गया है और मंगलवार रात को रफी मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।