जोधपुर नगर निगम चुनाव के तहत वार्ड संख्या 50 के मतदान केंद्र संख्या 338 पर हुए पुनर्मतदान के परिणामों ने शहर की राजनीतिक सरगर्मी को तेज कर दिया है। गुरुवार सुबह घोषित किए गए परिणामों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हेमाराम चौधरी ने शानदार जीत दर्ज की है। हेमाराम चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 82 मतों के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ ही जोधपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या अब 45 हो गई है। यह परिणाम भाजपा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब पार्टी बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच गई है।
मतदान के विस्तृत आंकड़े और उम्मीदवारों का प्रदर्शन
रिटर्निंग अधिकारी रामकिशोर मीणा द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भाजपा के हेमाराम चौधरी को कुल 1725 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी युवराज को 1642 मतों से संतोष करना पड़ा। अन्य उम्मीदवारों की बात करें तो निर्दलीय प्रत्याशी रिंकू मेवाड़ा ने 540 मत हासिल किए। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार दीपक जांगिड़ को 155 मत मिले और एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी देशराज सिंह के खाते में 113 मत आए। इस चुनाव में 82 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। हेमाराम चौधरी के पोलिंग एजेंट उमेद चौधरी ने शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने पर क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया है।
मेयर बनाने के लिए राजनीतिक समीकरण और जोड़-तोड़
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं और महापौर बनाने के लिए किसी भी दल को 51 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है। हेमाराम चौधरी की जीत के बाद भाजपा के पास अब 45 पार्षद हो गए हैं। बहुमत के लिए भाजपा को अब 6 और सदस्यों की जरूरत है। चुनाव परिणामों के अनुसार, इस बार 10 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, जबकि 1 सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के खाते में गई है। भाजपा की रणनीति अब इन निर्दलीयों को अपने पाले में लाने की है। बताया जा रहा है कि भाजपा की विचारधारा से जुड़े 4 निर्दलीय प्रत्याशी पहले ही भाजपा खेमे में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा, कांग्रेस के 3 बागी प्रत्याशी भी भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जिससे भाजपा का आंकड़ा बहुमत के पार जाता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री की रणनीति और आगामी मतदान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जोधपुर में भाजपा का बोर्ड बनाने और महापौर की कुर्सी हासिल करने के लिए राज्य मंत्री केके बिश्नोई को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। बिश्नोई अपनी टीम के साथ पूरे प्रबंधन में जुटे हुए हैं और निर्दलीयों के साथ तालमेल बिठा चुके हैं। किसी भी प्रकार की राजनीतिक उठापटक से बचने के लिए भाजपा ने अपने सभी विजयी पार्षदों को माउंट आबू में रखा है। महापौर पद के लिए आगामी 21 सितंबर को मतदान होना तय हुआ है। भाजपा नेतृत्व को पूरी उम्मीद है कि उन्हें 51 से अधिक मत प्राप्त होंगे और वे जोधपुर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने में सफल रहेंगे। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस की भी पैनी नजर बनी हुई है, लेकिन वर्तमान समीकरण भाजपा के पक्ष में झुकते नजर आ रहे हैं।