कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। डीके शिवकुमार 3 जून को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह घटनाक्रम कांग्रेस पार्टी के भीतर गहन राजनीतिक विचार-विमर्श के बाद सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता चुना गया है। इस घोषणा ने न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी काफी उत्सुकता पैदा कर दी है, विशेष रूप से शपथ ग्रहण के समय और इसके पीछे के ज्योतिषीय महत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी की भविष्यवाणी और शुभ मुहूर्त
प्रसिद्ध ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए शुभ मुहूर्त का सुझाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुरुजी ने डीके शिवकुमार के लिए एक लंबी और सफल राजनीतिक पारी की भविष्यवाणी की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिवकुमार केवल थोड़े समय के लिए मुख्यमंत्री नहीं बन रहे हैं। ज्योतिषी के अनुसार, शिवकुमार की कुंडली बहुत मजबूत है, जो उन्हें लंबे समय तक कर्नाटक की राजनीति में एक केंद्रीय भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगी। गुरुजी ने कहा, "वे एक दिन के मुख्यमंत्री नहीं हैं। वे लंबी पारी खेलेंगे। उनकी कुंडली बहुत अच्छी है।
गुरुजी ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के लिए तीन संभावित तिथियां सुझाई थीं ताकि उनका कार्यकाल समृद्ध और स्थिर रहे। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि शिवकुमार को कांग्रेस हाई कमांड का पूरा समर्थन प्राप्त होगा और वे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य के केंद्र में बने रहेंगे। शुभ मुहूर्त पर यह ध्यान राज्य के उच्च-स्तरीय राजनीतिक परिवर्तनों में पारंपरिक मान्यताओं के महत्व को दर्शाता है।
सीएलपी की बैठक और राज्यपाल से मुलाकात
नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान पूरी हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत से पहले, डीके शिवकुमार ने अपने आध्यात्मिक गुरु अज्जय्या की तस्वीर को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया। सीएलपी नेता के रूप में सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद, शिवकुमार ने कर्नाटक के राज्यपाल से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया और इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने राज्यपाल से 3 जून को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने का समय मांगा। राज्यपाल ने इसके बाद शिवकुमार को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया, जिससे अगले सप्ताह बुधवार 3 जून को होने वाले आधिकारिक समारोह का मार्ग प्रशस्त हो गया, जहां वे नए मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे।
कैबिनेट का स्वरूप और चार डिप्टी सीएम पर चर्चा
नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच कैबिनेट की संरचना को लेकर भी काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसी खबरें हैं कि नई कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है और विभिन्न हितों को संतुलित करने के लिए चार डिप्टी सीएम नियुक्त करने की भी चर्चा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक डीके शिवकुमार अपनी कैबिनेट में चार डिप्टी सीएम बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कथित तौर पर पार्टी आलाकमान को बताया है कि चूंकि कर्नाटक कांग्रेस में कई वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए यह तय करना चुनौतीपूर्ण होगा कि किसे इस पद पर नियुक्त किया जाए और किसे नहीं।
केसी वेणुगोपाल ने अफवाहों पर दिया स्पष्टीकरण
कैबिनेट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने प्रियांक खरगे को डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना पर बात की। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के प्रारूप को लेकर पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह सभी को मान्य होगा। वेणुगोपाल ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि 60 साल से अधिक उम्र के नेताओं को कैबिनेट से हटा दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्नाटक की नई कैबिनेट में युवा और अनुभवी नेताओं का एक बेहतरीन मिश्रण होगा। वेणुगोपाल ने अंत में विश्वास जताया कि वर्तमान नेतृत्व परिवर्तन ने 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की फिर से जीत का रास्ता साफ कर दिया है।