कोचिंग फायरिंग मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद मशहूर शिक्षक खान सर की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। बिहार के फायर सेफ्टी विभाग के अधिकारी खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग पहुंचे हैं, जहां सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब संस्थान पहले से ही कानूनी विवादों में घिरा हुआ है। फायर विभाग की टीम कोचिंग की बिल्डिंग में सेफ्टी स्टैंडर्ड का बारीकी से निरीक्षण कर रही है, जिससे संस्थान के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
फायर सेफ्टी जांच में मिलीं गंभीर खामियां
जांच के दौरान फायर सेफ्टी विभाग की टीम ने खान ग्लोबल स्टडीज में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से आपातकालीन निकास और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की पड़ताल की। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोचिंग में फायर सेफ्टी से जुड़ी कई गंभीर खामियां पाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि संस्थान में सुरक्षा के वे मानक पूरे नहीं मिले जो एक बड़े कोचिंग संस्थान के लिए अनिवार्य होते हैं।
फायर आईजी ने इन खामियों को देखते हुए कोचिंग को सील करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। आज की गई जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और विभाग ने पहले ही कार्रवाई के संकेत दे दिए थे और अब रिपोर्ट आने के बाद कोचिंग को बंद करने या सील करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही को लेकर प्रशासन बेहद सख्त रुख अपना रहा है।
गार्ड्स का बयान और खान सर पर आरोप
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पूछताछ के दौरान सुरक्षा गार्डों ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया। गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने खान सर के सीधे आदेश पर ही गोली चलाई थी। उनके मुताबिक, संस्थान के गेट पर एक बड़ी भीड़ जमा हो गई थी जिसने एक गार्ड के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। गार्ड्स ने पुलिस को बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खान सर ने उन्हें भीड़ पर गोली चलाने का निर्देश दिया था।
गार्ड्स ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने खान सर के कहने पर दो-दो राउंड गोली चलाई थी। उन्होंने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि खान सर ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया था कि इस घटना के बाद जो भी कानूनी नतीजे या परिणाम होंगे, उन्हें वह खुद संभाल लेंगे। इस बयान ने खान सर की कानूनी स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उन्हें घटना के लिए जिम्मेदार ठहराता है।
कानूनी धाराएं और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 27 और 35 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। ये धाराएं गैर-कानूनी हथियार रखने और हथियारों के गलत इस्तेमाल से संबंधित हैं। पुलिस अब इन धाराओं के तहत मामले की गहराई से जांच कर रही है।
वर्तमान में खान ग्लोबल स्टडीज के खिलाफ दोतरफा जांच चल रही है। एक तरफ पुलिस फायरिंग की घटना और उसमें खान सर की भूमिका की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ फायर सेफ्टी विभाग बिल्डिंग की सुरक्षा खामियों पर कार्रवाई कर रहा है। इन दोनों ही मोर्चों पर खान सर के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। यदि फायर विभाग की रिपोर्ट प्रतिकूल रहती है, तो कोचिंग को किसी भी समय सील किया जा सकता है, जिससे वहां पढ़ रहे हजारों छात्रों का भविष्य भी प्रभावित हो सकता है।