नीट पेपर लीक मामला: बिहार बंद के दौरान हंगामे के बाद तेज प्रताप यादव गिरफ्तार

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नीट पेपर लीक मामला: बिहार बंद के दौरान हंगामे के बाद तेज प्रताप यादव गिरफ्तार
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बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नीट पेपर लीक मामले के विरोध में शनिवार को आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान तेज प्रताप यादव प्रदर्शनकारियों के साथ सड़कों पर उतरे थे। पुलिस ने उन्हें पहले पटना के सेंट्रल मॉल से हिरासत में लिया और फिर देर रात नौबतपुर थाने में लंबी पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।

प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा और तोड़फोड़

जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर तेज प्रताप यादव मौजूद थे, वहां विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। पटना के सेंट्रल मॉल के पास सबसे ज्यादा हंगामा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस की दो गाड़ियों को भी पलट दिया। इससे पहले तेज प्रताप यादव पटना के रामगुलाम चौक पर धरना दे रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए थे और हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस गिरफ्तारी को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन मॉल के पास हुई हिंसा को इस कार्रवाई का मुख्य कारण माना जा रहा है।

छात्रों के समर्थन में तेज प्रताप का बयान

प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखते हुए तेज प्रताप यादव ने छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की थी और उन्होंने कहा था, "हम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। " तेज प्रताप ने इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया था और वे लगातार सरकार के खिलाफ हमलावर रहे और गौरतलब है कि अपने पिता लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल का गठन किया था और वे अब इसी बैनर तले अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे हैं।

बिहार के विभिन्न जिलों में बंद का असर

नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों ने इस राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था और अधिकारियों के मुताबिक, इस बंद का असर राज्यभर में मिलाजुला रहा। जहां राजधानी पटना में पथराव और झड़प की घटनाएं हुईं, वहीं नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास जैसे जिलों में बंद का प्रभाव काफी कम देखा गया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

अभिजीत दिपके से अपील और राजनीतिक समीकरण

इस विरोध प्रदर्शन के बीच तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके से बिहार आने की अपील की। उन्होंने दिपके से आग्रह किया कि वे बिहार आएं और सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को सत्ता से हटाने में मदद करें। यह अपील उस समय की गई जब सीजेपी ने नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में अपना प्रदर्शन समाप्त किया था। तेज प्रताप ने राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए एक मजबूत जन-आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। इस बीच एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें अभिजीत दिपके पटना जाने की इच्छा जता रहे हैं, क्योंकि इस हफ्ते की शुरुआत में पटना के छात्रों ने सीजेपी के आंदोलन के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन किया था।

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