रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्टार ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने रायपुर में खेले गए मुकाबले में अपनी पुरानी टीम मुंबई इंडियंस (MI) को IPL 2026 के प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। क्रुणाल की 73 रनों की शानदार पारी मुंबई इंडियंस पर भारी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप RCB ने यह मुकाबला 2 विकेट से जीत लिया। इस जीत के बाद क्रुणाल पंड्या अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी और वहां के सपोर्ट स्टाफ, विशेषकर काइरन पोलार्ड के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए भावुक नजर आए। उन्होंने उन दिनों का जिक्र किया जब वह खुद मुंबई इंडियंस कैंप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करते थे।
पोलार्ड के साथ रिश्ता और MI के पुराने दिन
मैच के बाद क्रुणाल पंड्या ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के सबसे बेहतरीन 6 साल मुंबई इंडियंस के साथ बिताए हैं। उन्होंने काइरन पोलार्ड को टी20 फॉर्मेट का 'GOAT' (महानतम खिलाड़ी) करार दिया और उन्हें अपने बड़े भाई के समान बताया। क्रुणाल के अनुसार, एक समय था जब पोलार्ड और पंड्या ब्रदर्स (हार्दिक और क्रुणाल) मुंबई इंडियंस टीम के मुख्य आधार स्तंभ हुआ करते थे। उन्होंने विशेष रूप से IPL 2021 के उस पल को याद किया जब पंड्या ब्रदर्स और पोलार्ड आखिरी बार मुंबई इंडियंस के लिए एक साथ मैदान पर उतरे थे। इन पुरानी यादों को साझा करते हुए क्रुणाल काफी भावुक दिखे।
मैच का लेखा-जोखा और क्रुणाल का प्रदर्शन
इस रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB की टीम ने 8 विकेट खोकर अंतिम गेंद पर 167 रन बनाकर जीत हासिल की। RCB की इस जीत के सबसे बड़े नायक क्रुणाल पंड्या रहे, जिन्होंने मात्र 46 गेंदों का सामना करते हुए 73 रनों की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 5 छक्के और 4 चौके जड़े। उल्लेखनीय है कि IPL 2026 में यह क्रुणाल पंड्या का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, जो उन्होंने अपनी पूर्व टीम के खिलाफ बनाया।
शारीरिक दर्द के बावजूद खेली मैच जिताऊ पारी
क्रुणाल पंड्या ने मैच के बाद अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान उन्हें तेज ऐंठन (Cramps) महसूस हो रही थी। यह दर्द उनकी पिंडली से शुरू होकर कूल्हों और पीठ तक फैल गया था। क्रुणाल ने स्वीकार किया कि वह आमतौर पर इतनी लंबी बल्लेबाजी नहीं करते हैं, लेकिन अपनी टीम RCB के लिए एक कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए वह अंत तक संघर्ष करना चाहते थे। उनके इसी जज्बे ने मुंबई इंडियंस को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया।