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राज्यसभा चुनाव: बीजेपी प्रत्याशी महेश केवट ने भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव ने जीत का भरा हुंकार

राज्यसभा चुनाव: बीजेपी प्रत्याशी महेश केवट ने भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव ने जीत का भरा हुंकार
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मध्य प्रदेश की राजनीति के गलियारों में 8 जून का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जब भारतीय जनता पार्टी के तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी महेश केवट ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उपस्थित रहे और उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से संकल्पित है। उन्होंने कहा कि महेश केवट का चयन पार्टी की उस विचारधारा को दर्शाता है जो समाज के हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

वैचारिक अधिष्ठान और नामांकन प्रक्रिया

नामांकन पत्र जमा करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात, वे विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन दाखिल कराने पहुंचे। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड ने राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी के रूप में महेश केवट के नाम पर मुहर लगाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्वाचित होकर अपनी सांगठनिक शक्ति का प्रदर्शन करेगी।

महेश केवट का सांगठनिक सफर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उम्मीदवार महेश केवट के जीवन और उनके सांगठनिक योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महेश केवट बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई है और संघ में विभिन्न महत्वपूर्ण उत्तरदायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। मुख्यमंत्री ने इस चयन को सांस्कृतिक गौरव से जोड़ते हुए कहा कि आज भगवान राम का आशीर्वाद एक बार फिर निषाद राज की परंपरा को जीवंत कर रहा है, जिसे महेश केवट के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सबका साथ और सबका विकास का मंत्र

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि हमारी पार्टी केवल खोखले वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर दिखाती है। उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि जिस वर्ग का अब तक लोकसभा या विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं था, उस वर्ग के प्रतिनिधि को सीधे देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा में जाने का अवसर मिल रहा है और यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सभी वर्गों की समानता और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर अडिग है। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि पार्टी का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सशक्त बनाना है।

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