विज्ञापन

खरगे ने मांगी माफी: गुजरातियों पर विवादित टिप्पणी के बाद जताया खेद

खरगे ने मांगी माफी: गुजरातियों पर विवादित टिप्पणी के बाद जताया खेद
विज्ञापन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात के लोगों के संबंध में दी गई अपनी हालिया विवादास्पद टिप्पणी पर आधिकारिक तौर पर माफी मांग ली है और बुधवार को जारी एक बयान में खरगे ने स्पष्ट किया कि गुजरात के लोगों के प्रति उनके मन में हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके भाषण का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और यह विवाद तब शुरू हुआ जब खरगे ने केरल के इडुक्की जिले में एक चुनावी रैली के दौरान गुजरात के लोगों की तुलना केरल के लोगों से की थी।

विवाद की पृष्ठभूमि और इडुक्की रैली का बयान

रविवार को केरल के इडुक्की में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा और जागरूकता के मुद्दे पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि केरल के लोग अत्यधिक शिक्षित और समझदार हैं, इसलिए उन्हें आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता। इसी क्रम में उन्होंने गुजरात का जिक्र करते हुए कथित तौर पर वहां के लोगों को 'अनपढ़' बताया था और कहा था कि उन्हें गुमराह करना आसान है। इस बयान के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई थीं।

भारतीय जनता पार्टी का कड़ा विरोध

भाजपा ने खरगे के इस बयान को गुजरात की अस्मिता और वहां के नागरिकों का अपमान करार दिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि यह टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि बेहद निंदनीय भी है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी बार-बार गुजरात और वहां के लोगों को निशाना बनाती रही है। रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी अपने अध्यक्ष की इस सोच से सहमत हैं और क्या वे इस अपमानजनक टिप्पणी की निंदा करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष पद की गरिमा पर सवाल

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जिस पद पर आज मल्लिकार्जुन खरगे बैठे हैं, उस पर कभी जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और मौलाना आजाद जैसे दिग्गज नेता रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतने ऊंचे संवैधानिक और राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अशोभनीय है। भाजपा ने मांग की थी कि खरगे को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए क्योंकि यह पूरे राज्य की जनता का अपमान है।

मल्लिकार्जुन खरगे की सफाई और आधिकारिक खेद

विवाद के गहराने और भाजपा के चौतरफा हमले के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और राजनीतिक लाभ के लिए मरोड़ा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यदि उनकी बातों से किसी को दुख पहुंचा है, तो वे खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने दोहराया कि गुजरात के विकास और वहां के लोगों के प्रति उनका नजरिया हमेशा सकारात्मक रहा है और वे सभी का सम्मान करते हैं।

चुनावी माहौल में बयानबाजी का असर

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब देश के विभिन्न हिस्सों में चुनावी सरगर्मी तेज है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य के मतदाताओं को लेकर दी गई किसी भी टिप्पणी का असर राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ता है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में डैमेज कंट्रोल करते हुए तुरंत माफीनामा जारी किया है ताकि इसे चुनावी मुद्दा बनने से रोका जा सके। भाजपा ने इस मुद्दे को गुजरात के गौरव से जोड़ते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल खड़े किए हैं।

विज्ञापन