देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) ने 8 मई को बाजार बंद होने के बाद अपनी मार्च तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस तिमाही में मुनाफे और राजस्व में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन शानदार नतीजों का असर सोमवार, 11 मई को शेयर बाजार खुलने पर एमसीएक्स के शेयरों में बड़ी हलचल के रूप में देखा जा सकता है।
वित्तीय प्रदर्शन और मुनाफे में रिकॉर्ड वृद्धि
मार्च तिमाही के दौरान एमसीएक्स का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के 135 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 291 प्रतिशत बढ़कर 530 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाले राजस्व (रेवेन्यू) में भी भारी उछाल देखा गया है। यह एक साल पहले के 290 करोड़ रुपये से 205 प्रतिशत बढ़कर 889 करोड़ रुपये हो गया है। यह आंकड़ा कंपनी के बिजनेस मॉडल के विस्तार की गति को दर्शाता है।
ऑपरेशनल दक्षता और मार्जिन में सुधार
कंपनी की वित्तीय मजबूती उसके एबिटा (EBITDA) आंकड़ों में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का एबिटा 160 करोड़ रुपये से बढ़कर 667 करोड़ रुपये हो गया है। 80 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल और वित्तीय क्षमता को प्रमाणित करती है।
डिविडेंड की घोषणा और शेयरधारकों को लाभ
शानदार वित्तीय प्रदर्शन के बीच, एमसीएक्स के प्रबंधन ने अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 8 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है। यह लाभांश निवेशकों के खातों में तब जमा किया जाएगा जब कंपनी की आगामी 24वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों द्वारा इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी जाएगी।
ऐतिहासिक प्रदर्शन की बात करें तो एमसीएक्स का शेयर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बड़ा वेल्थ क्रिएटर रहा है। साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही इस शेयर ने 41 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। पिछले एक साल में इसने 133 प्रतिशत और पिछले तीन वर्षों में 950 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। 59 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के लगभग आधे के बराबर है।