भारतीय कॉर्पोरेट जगत के सबसे बड़े घटनाक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को ऐतिहासिक सफलता दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं. भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की राह पर चल रहे इस मेगा इश्यू को हिट बनाने के लिए कंपनी ने जमीनी स्तर पर एक अनूठी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ के जरिए 30,200 करोड़ रुपये तक जुटाने का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है और इसे लेकर बाजार में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
इस मेगा आईपीओ को सफल बनाने के लिए रिलायंस समूह ने अपनी सभी कंपनियों में कार्यरत लगभग 4 लाख 20 हजार कर्मचारियों तक सीधी पहुंच बनाई है. कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि उसके कर्मचारी इस ऐतिहासिक वित्तीय अवसर का हिस्सा बनें. इस पूरी प्रक्रिया को गति देने और कर्मचारियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के बीच मीडिया रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प दावा सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस ग्रुप ने अपने कर्मचारियों को अक्टूबर महीने की सैलरी सामान्य समय से करीब 15 दिन पहले ही जारी कर दी है. हालांकि, कंपनी की ओर से कर्मचारियों को इतनी जल्दी वेतन दिए जाने के पीछे का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन इसे आईपीओ से जोड़कर एक बड़ा बूस्टर डोज माना जा रहा है.
कर्मचारियों से ट्रेडिंग अकाउंट की जानकारी जुटाना और प्रोत्साहन
रिलायंस समूह द्वारा अपने कर्मचारियों को निवेश के लिए प्रेरित करने का यह अभियान बहुत ही व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है. कंपनी के अधिकारियों और प्रबंधकों द्वारा कर्मचारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और कर्मचारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या उनके या उनके परिवार के सदस्यों के पास शेयर बाजार में निवेश करने के लिए जरूरी ट्रेडिंग अकाउंट मौजूद है या नहीं. जिन कर्मचारियों या उनके पारिवारिक सदस्यों के पास ट्रेडिंग अकाउंट और डीमैट खाता नहीं है, उन्हें इसे जल्द से जल्द खुलवाने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे इस आईपीओ में आसानी से आवेदन कर सकें.
ब्लूमबर्ग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कुल 4 लाख 19 हजार 911 कर्मचारी काम करते हैं. इन सभी कर्मचारियों में से 74 हजार 822 कर्मचारी सीधे तौर पर जियो में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जियो के ये कर्मचारी आईपीओ में कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से आरक्षित कोटे के तहत आवेदन करने के पात्र होंगे. वहीं दूसरी ओर, रिलायंस समूह की अन्य सहायक और सहयोगी कंपनियों में काम करने वाले लाखों कर्मचारी सामान्य रिटेल इन्वेस्टर कैटेगरी के अंतर्गत इस आईपीओ में आवेदन कर सकेंगे.
कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए विशेष कोटा और छूट का लाभ
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ में विभिन्न वर्गों के लिए खास प्रावधान किए गए हैं. कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंजों में दाखिल किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, पात्र कर्मचारियों के लिए कुल 500 करोड़ रुपये तक के शेयर विशेष रूप से आरक्षित किए गए हैं. इतना ही नहीं, इन पात्र कर्मचारियों को शेयरों के निर्धारित ऑफर प्राइस पर पूरे 5 प्रतिशत की आकर्षक छूट (डिस्काउंट) का फायदा भी मिलेगा. इसके अतिरिक्त, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ऐसे शेयरधारकों के लिए भी एक अलग हिस्सा सुरक्षित रखा गया है, जो तय की गई सभी पात्रता शर्तों को पूरी तरह से पूरा करते हैं. पात्र शेयरधारकों के लिए कुल 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए गए हैं.
आईपीओ का साइज, प्राइस बैंड और वैल्यूएशन
वित्तीय बाजार के जानकारों और विश्लेषकों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार इतिहास के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण इश्यू में से एक बनने की पूरी क्षमता रखता है. इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी का लक्ष्य बाजार से 30,200 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि जुटाने का है. इस विशाल आंकड़े के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल वैल्यूएशन करीब 10 लाख 30 हजार करोड़ रुपये तक रहने का अनुमान जताया जा रहा है. कंपनी और मर्चेंट बैंकिंग सलाहकारों द्वारा इस आईपीओ के लिए शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है.
निवेशकों के लिए यह इश्यू 21 अक्टूबर से खुलकर 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा, जिसके दौरान निवेशक इसमें आवेदन कर सकेंगे. वहीं, बड़े और संस्थागत निवेशकों के लिए एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलेगी, जिससे इस आईपीओ को शुरुआती दौर में ही बड़ा समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्य इश्यू खुलने से पहले ही जियो को वैश्विक निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल चुकी है और इसे अब तक 20 अरब डॉलर से ज्यादा की भारी-भरकम बोलियां मिल चुकी हैं. इसके अलावा फिडेलिटी, एलियांज और कैपिटल ग्रुप जैसे दुनिया के जाने-माने वैश्विक वित्तीय निवेशकों ने भी इस आईपीओ में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जिससे मुकेश अंबानी के नेतृत्व में इस इश्यू के ब्लॉकबस्टर हिट होने की पूरी संभावना बन गई है.