मुजफ्फरनगर हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रची पति की हत्या की साजिश, 10 लाख में दी सुपारी

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मुजफ्फरनगर हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रची पति की हत्या की साजिश, 10 लाख में दी सुपारी
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में किसान प्रवीण उर्फ परविंदर की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंबरपुर जंगल में 27 सितंबर को हुई इस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 60 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। इस पूरी हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी रेखा ने अपने प्रेमी विकास के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पत्नी रेखा, उसके प्रेमी विकास और दो भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रेम संबंध और हत्या की साजिश

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ और जांच के अनुसार, रेखा की शादी साल 2006 में प्रवीण के साथ हुई थी। रेखा ने पुलिस को बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। इसी बीच साल 2018-19 में उसकी मुलाकात परिवार के एक परिचित विकास से हुई। विकास मिट्टी डालने का काम और ठेकेदारी करता था और धीरे-धीरे रेखा और विकास के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों एक-दूसरे के साथ शादी करना चाहते थे, लेकिन प्रवीण उनके रिश्ते के बीच में आ रहा था। जब प्रवीण को उनके संबंधों के बारे में पता चला, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया और इसके बाद रेखा और विकास ने प्रवीण को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला किया।

जमीन बेचकर 10 लाख रुपये देने का वादा

पति की हत्या करवाने के लिए रेखा ने एक बड़ी रकम का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक, रेखा ने प्रवीण की हत्या के बदले 10 लाख रुपये देने का सौदा तय किया था। इस भारी-भरकम रकम को जुटाने के लिए उसने अपनी जमीन बेचने की योजना बनाई थी। विकास ने इस काम के लिए राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह नाम के दो व्यक्तियों से संपर्क किया। पुलिस ने बताया कि राजा का प्रवीण पर करीब 1 लाख 50 हजार रुपये का बकाया था, जिसे प्रवीण काफी समय से नहीं लौटा रहा था। इसी रंजिश के कारण राजा भी हत्या के लिए तैयार हो गया। विकास ने राजा और कल्याण सिंह को हत्या के बदले 3-3 लाख रुपये देने का वादा किया था।

जंगल में वारदात और पुलिस की कार्रवाई

साजिश के तहत 27 सितंबर को प्रवीण को रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंबरपुर के जंगल में बुलाया गया। वहां पहले से मौजूद राजा और कल्याण सिंह ने प्रवीण पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से प्रवीण पर गोलियां चलाईं। दो गोलियां लगने के कारण प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। सूचना मिलने पर एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण, सीओ बुढ़ाना, रतनपुरी पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को काम पर लगाया और पुलिस टीमों ने कड़ी मेहनत करते हुए 60 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को दबोच लिया।

बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो अवैध 315 बोर के तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने चार मोबाइल फोन, एक स्विफ्ट कार और मृतक की मोटरसाइकिल भी जब्त की है और जांच में पता चला कि आरोपियों ने साजिश रचने के लिए एक नया छोटा मोबाइल फोन और नया सिम कार्ड खरीदा था, जिसका इस्तेमाल सिर्फ इसी वारदात के लिए किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। बरामदगी के आधार पर आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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