नासिक की टीसीएस (TCS) कंपनी में कथित धर्मांतरण मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी निदा खान को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले 25 दिनों से फरार चल रही निदा खान को नासिक पुलिस और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने छत्रपति संभाजीनगर के नाइगांव इलाके से हिरासत में लिया। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
25 दिनों की तलाश और गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद से ही निदा खान लगातार अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रही थी। नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) उसकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की थी, जिसे इस महीने की शुरुआत में अदालत ने खारिज कर दिया था। जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने अपनी तलाश और तेज कर दी थी, जिसके परिणामस्वरूप आखिरकार उसे पकड़ लिया गया।
SIT की जांच और गंभीर आरोप
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अदालत में सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे किए थे। अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि मामले में डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारियों की गहन जांच के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ अनिवार्य है। जांच एजेंसियों का यह भी मानना है कि इस धर्मांतरण मामले के तार नासिक के बाहर अन्य शहरों और नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
मामले के मुख्य बिंदु
छापेमारी और तकनीकी जांच
निदा खान की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उसके पति से मिली जानकारी के आधार पर कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की थी। हालांकि, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी और उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों के मोबाइल फोन भी बंद पाए गए थे, जिससे पुलिस को उसे ट्रैक करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अंततः तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से उसे नाइगांव से पकड़ लिया गया।