इतिहास में कुछ ऐसे नाम होते हैं जो सदियों तक अपनी छाप छोड़ जाते हैं, जैसे अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आज के दौर में वह कौन है जिसके पास इन दिग्गजों जैसा दिमाग है और दुनिया को इसका जवाब मिल गया है। 30 साल की साबरीना गोंजालेज पास्टरस्की को आज 'अगली आइंस्टीन' के रूप में देखा जा रहा है। उनकी प्रतिभा का आलम यह है कि नासा से लेकर दुनिया की सबसे। बड़ी टेक कंपनियां उन्हें मुंह मांगी सैलरी पर अपने साथ जोड़ना चाहती हैं।
गैरेज में तैयार किया अपना पहला हवाई जहाज
साबरीना की कहानी किसी जादुई फिल्म से कम नहीं है। 3 जून 1993 को शिकागो में जन्मी साबरीना ने बचपन से ही मशीनों के साथ खेलना शुरू कर दिया था। जब उनकी उम्र की लड़कियां गुड़ियों से खेलती थीं, तब साबरीना विमान के पुर्जों को समझ रही थीं और महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अपने घर के गैरेज में एक सिंगल इंजन वाला हवाई जहाज (Zenith CH 601XL) बनाना शुरू किया। दो साल की कड़ी मेहनत के बाद 14 साल की उम्र में उन्होंने इसे पूरा किया और सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्होंने खुद उस विमान को उड़ाया भी।
जब हार्वर्ड ने किया रिजेक्ट और MIT ने बदला फैसला
साबरीना की शैक्षणिक यात्रा भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। उन्होंने जब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आवेदन किया, तो उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। यहां तक कि मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने भी उन्हें पहले वेटलिस्ट में रखा था। हालांकि, जब MIT के प्रोफेसरों एलन एडम्स और पेगी एंडरसन ने साबरीना का वह वीडियो। देखा जिसमें वह अपना खुद का बनाया विमान उड़ा रही थीं, तो वे दंग रह गए। उन्हें तुरंत एडमिशन दिया गया। साबरीना ने वहां से फिजिक्स में 5. 0 का परफेक्ट जीपीए हासिल किया, जो दशकों में किसी छात्र द्वारा किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
करोड़ों का ऑफर और शोध के प्रति जुनून
साबरीना की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें 'फोर्ब्स 30 अंडर 30' में शामिल किया गया। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने उन्हें अपनी कंपनी 'ब्लू ओरिजिन' में काम करने का खुला ऑफर दिया। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें करीब 1 और 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये) का पैकेज ऑफर किया गया, लेकिन साबरीना ने इसे ठुकरा दिया। उनका मानना है कि विज्ञान और भौतिकी के अनसुलझे रहस्यों को सुलझाना उनके लिए पैसों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
ब्लैक होल और क्वांटम ग्रेविटी पर रिसर्च
आज साबरीना सैद्धांतिक भौतिकी (Theoretical Physics) के क्षेत्र में काम कर रही हैं। उनके शोध का मुख्य विषय ब्लैक होल, स्पेस-टाइम और क्वांटम ग्रेविटी है। उनके काम की सराहना खुद स्टीफन हॉकिंग ने अपने शोध पत्रों में की थी। महज 27 साल की उम्र में वह एक प्रतिष्ठित संस्थान में प्रोफेसर बन गईं। साबरीना सोशल मीडिया से दूर रहती हैं और उनके पास स्मार्टफोन तक नहीं है, वह अपना पूरा समय केवल रिसर्च और नई खोजों को समर्पित करती हैं।
प्रेरणा का स्रोत बनीं साबरीना
साबरीना गोंजालेज पास्टरस्की आज दुनिया भर की उन लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं और उनकी कहानी सिखाती है कि अगर आपके पास जुनून है और आप अपने सपनों के लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती। आज पूरी दुनिया की नजरें साबरीना पर टिकी हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि वह भौतिकी के क्षेत्र में कोई ऐसी बड़ी खोज करेंगी जो ब्रह्मांड को देखने का हमारा नजरिया बदल देगी।